संसद के दोनों सदनों में जारी गतिरोध खत्म करने के प्रयास के तहत सरकार ने बुधवार को मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस से संपर्क साधा और मानसून सत्र के शेष दिनों में कार्यवाही सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सहयोग मांगा। मानसून सत्र की 20 जुलाई को शुरूआत होने के दिन से ही विपक्ष के लगातार विरोध प्रदर्शन के कारण संसद की कार्यवाही में बार-बार व्यवधान आया है।
कुछ राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि स्वतंत्रता दिवस के बाद, संसद का एक विशेष सत्र बुलाकर पिछले सत्र में पारित नहीं हो सके परिसीमन विधेयक और नारी शक्ति वंदन (संशोधन) विधेयक को दोबारा पेश किया जा सकता है।
हालांकि, सरकार के सूत्रों ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई कदम उठाने की योजना नहीं है। सूत्रों ने बताया कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि 13 अगस्त को मानसून सत्र संपन्न होने से पहले इसी सत्र में परिसीमन विधेयक लाया जाएगा या नहीं। हालांकि, विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए पेश किये जाने के दौरान गृह मंत्री अमित शाह के संसद में बोलने की संभावना है।


