दुर्ग केलाबाड़ी निवासी आरिफ तिगाला ने 61 बार रक्तदान कर कायम की इंसानियत की अनूठी मिसाल महापौर ने की सेवा कार्य की सराहना

ब्लड डोनर मैन,38 वर्ष में 55 रक्तदान 6 बार SDP (सिंगल डोनर प्लेटलेट्स) टोटल 61 बार कर चुका है
-अब तक बचा चुके कई लोगों जी की जान,सराहनीय कार्य पर कई बार सम्मानित
-आरिफ ने रक्तदान कर अनजान जिंदगी बचाने का बनाया मकसद

पूरब टाइम्स दुर्ग । दुर्ग जिले में इंसानियत की एक ऐसी प्रेरणादायी व्यक्तित्व है,जिसने मानो रक्तदान को अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया और दूसरों के लिए मिसाल कायम की। केलाबाड़ी दुर्ग के रहने वाले मोहम्मद आरिफ तिगाला (38 वर्ष) अब तक 61 बार रक्तदान कर चुके हैं। उनका कहना है कि रक्त की कमी से किसी की जान न जाए, यही उनके जीवन का संकल्प है। उन्होंने 25 वर्ष की उम्र से ही रक्तदान शुरू कर दिया था।
मोहम्मद आरिफ तिगाला छत्तीसगढ़ मुस्लिम तेली बिरादरी के कोर कामेटी मेंबर है। उन्होंने बताया कि उनकी फाउंडेशन हर वर्ष ईद मिलादुन्नबी ओर मुहर्रम के मोके पर वर्ष में 2 सै 3 बार रक्तदान कैंप भी करती है। दुर्ग भिलाई रायपुर में पिछले 7 वर्षों से ब्लड डोनेशन कैंप भी करते आ रहा है अभी तक टोटल 24/25 कैंप करवा चुके है जिस मैं लगभग 3200 यूनिट रक्तदान हुवा हैँ। उन्होंने बताया कि कभी रात के 2 बजे अनजान इंसान के लिए सिंगल डोनर प्लेटलेट (एसडीपी) देने दौड़ा तो कभी किसी अजनबी के लिए सुबह-सुबह ब्लड देने पहुंचा। रक्दान के लिए दुर्ग, भिलाई, रायपुर, धमतरी जहां जरूरत पड़ी वहा पहुंच गया। उन्होंने बताया कि अपने खून को एक मौका दीजिए। किसी की रगो में बहने का ये दुनिया में जिंदा रहने का सबसे खूबसूरत और लाजवाब तरीका है। उन्हें इस सराहनीय कार्य के लिए कई बार सम्मानित भी किया गया है।
यहां से शुरु हुआ ब्लड डोनेट करने का सिलसिला
मोहम्मद आरिफ तिगाला रक्तदान का सफर सन 2008 से शुरु हुआ। दोस्त की बहन एडमिट थी,ब्लड की सख्त जरूरत पड़ गई तो आरिफ ने अपना पहला रक्तदान उसी के लिए किया। उस दिन कुछ ऐसा हुआ कि दिल में एक अलग सी खुशी और सुकून उतर आया। शरीर थोड़ा हल्का लगा, मन बहुत ज्यादा भारी और अच्छाई से भरा हुआ। बस उसी पल आरिफ ने मन ही मन ठान लिया अब जिंदगी भर रक्तदान करता रहेगा। जब भी कहीं किसी को ब्लड चाहिएगा पहुंचने की कोशिश करूँगा।
रक्तदान से मिलती है ताजगी
मोहम्मद आरिफ तिगाला का मानना है कि रक्तदान स्वयं रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। उनका कहना है कि रक्तदान से शरीर में नया रक्त बनने की प्रक्रिया सक्रिय होती है, जिससे व्यक्ति खुद को ताजगी और ऊर्जा से भरपूर महसूस करता है. उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआत में कई लोग रक्तदान को लेकर भ्रमित रहते हैं, लेकिन जब वे स्वयं रक्तदान करते हैं तो उन्हें इसका महत्व समझ में आता है। इसी उद्देश्य से आरिफ युवाओं को लगातार जागरूक करने का प्रयास करते रहते हैं।

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