पाकिस्तान में कमजोर होते लोकतंत्र और सेना के बढ़ते असर को लेकर अमेरिका से बड़ा कदम उठाने की अपील

एक नई रिपोर्ट में, पाकिस्तान में कमजोर होते लोकतंत्र और सेना के बढ़ते असर को लेकर अमेरिका से बड़ा कदम उठाने की अपील की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका को पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को मिल रहे समर्थन पर फिर से विचार करना चाहिए। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान की असल ताकत चुनी हुई सरकार के बजाय सेना के प्रभाव वाली ‘हाइब्रिड राजनीतिक व्यवस्था’ के हाथ में है, जिससे लोकतांत्रिक सिस्टम पूरी तरह कमजोर पड़ रहा है।

2024 के चुनावों के बाद गहराया संवैधानिक संकट

‘टाइम्स ऑफ इजरायल’ में राजनीतिक शोधकर्ता वास शेनाय के छपे एक लेख के अनुसार, 2024 के आम चुनावों के बाद से पाकिस्तान भारी कानूनी और राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद मीडिया पर पाबंदियां बढ़ा दी गईं, अदालतों की आजादी पर असर पड़ा और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के मामले भी बढ़े हैं। इस वजह से आम लोगों का लोकतंत्र और चुनावों से भरोसा उठता जा रहा है।

चरमपंथ, आतंकवाद और सुरक्षा की गंभीर चुनौतियां

लेख में पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर गहरी चिंता जताई गई है। खैबर पख्तूनख्वा में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान की गतिविधियां तेज हुई हैं, वहीं बलूच अलगाववादी और इस्लामिक स्टेट-खोरासान जैसे आतंकी गुट भी लगातार सक्रिय हैं। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि आतंकवादी संगठनों को लेकर पाकिस्तान की दोहरी नीति ने उसकी सुरक्षा चुनौतियों को और भी ज्यादा खतरनाक बना दिया है।

More Topics

इसे भी पढ़े