धर्मेंद्र प्रधान के बाद प्रह्लाद जोशी को मिली शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी, मुआवजे और एफआईआर वापसी की घोषणा हुई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उनके इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। मोदी सरकार के 12 सालों से ज्यादा के कार्यकाल में किसी कैबिनेट मंत्री को इस तरह हटाए जाने की यह पहली बड़ी घटना है, जिसे बीजेपी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका और विपक्ष के लिए बढ़त के रूप में देखा जा रहा है।

CJP ने वापस लिया आंदोलन, सरकार से बनी सहमति

कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में चल रहा यह आंदोलन सरकार के साथ तीसरे दौर की बातचीत के बाद खत्म कर दिया गया। अभिजीत दिपके की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। इसके बाद पार्टी प्रवक्ता सौरव दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तुरंत आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया। सीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “लोकतंत्र की जीत हुई।”

आंदोलन के बाद के 5 बड़े अपडेट

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: नीट यूजी पेपर लीक विवाद और छात्रों के गुस्से के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पद छोड़ दिया। प्रह्लाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री बनाया गया है।

सीजेपी का आंदोलन खत्म: सरकार से सहमति बनने के बाद सीजेपी ने अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया और इसे “लोकतंत्र की जीत” बताया। अखबार

छात्रों की मांगें मंजूर: नीट विवाद की वजह से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने पर सरकार मान गई है।

परीक्षा सिस्टम में सुधार पर होगी बात: चार हफ्ते बाद सरकार और सीजेपी के बीच दोबारा बैठक होगी, जिसमें परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और बड़े बदलावों पर चर्चा की जाएगी।

बढ़ती राजनीतिक हलचल: नीट विवाद ने बीजेपी के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है, वहीं सरकार अपने राजनीतिक नुकसान को कम करने में जुटी है।

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