उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता Kim Jong Un ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हुआ तो परमाणु-संपन्न देश दक्षिण कोरिया को “पूरी तरह से मिटा” सकता है। सरकारी मीडिया के अनुसार, उन्होंने सियोल के साथ बातचीत की संभावना को एक बार फिर खारिज कर दिया।
हालांकि, सत्तारूढ़ पार्टी की बैठक के समापन पर अगले पांच वर्षों की नीतिगत रूपरेखा पेश करते हुए किम ने वाशिंगटन के साथ वार्ता के लिए दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं किए। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका बातचीत बहाल करना चाहता है, तो उसे उत्तर कोरिया के प्रति अपनी कथित “शत्रुतापूर्ण” नीतियां छोड़नी होंगी।
परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर जोर
आधिकारिक ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ (KCNA) के मुताबिक, किम ने सेना को और मजबूत करने तथा नई हथियार प्रणालियों के विकास का आह्वान किया। उन्होंने दावा किया कि हाल के वर्षों में परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम में तेज प्रगति के कारण देश एक सशक्त परमाणु शक्ति के रूप में उभरा है।
दक्षिण कोरिया की प्रतिक्रिया
दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने उत्तर कोरिया द्वारा अंतर-कोरियाई संबंधों को शत्रुतापूर्ण करार दिए जाने पर खेद व्यक्त किया है। सियोल ने कहा कि वह क्षेत्र में शांति और स्थिरता के प्रयासों को धैर्यपूर्वक जारी रखेगा।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि किम की तीखी बयानबाजी का उद्देश्य तत्काल सैन्य संघर्ष भड़काना नहीं, बल्कि रणनीतिक दबाव बनाना है। इसके जरिए प्योंगयांग अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम और मॉस्को व बीजिंग के साथ संबंधों के आधार पर क्षेत्रीय प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच बढ़ता तनाव कोरियाई प्रायद्वीप में अस्थिरता की आशंका को फिर से चर्चा के केंद्र में ले आया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर है कि क्या कूटनीतिक प्रयास फिर से पटरी पर लौट पाएंगे या टकराव की स्थिति और गहराएगी।


