होली का त्योहार नजदीक है और इस खास मौके पर घरों में तरह तरह के पकवान बनाए जाते हैं। होली के मौके पर कई घरों में कांजी वड़ा भी बनाया जाता है। कांजी वड़ा उत्तर भारत का एक पारंपरिक और बेहद लोकप्रिय व्यंजन है, जो खासतौर पर होली के मौके पर बनाया जाता है।
इसका खट्टा-मीठा स्वाद लोगों को खूब पसंद आता है। कांजी वड़ा का पानी न केवल स्वाद से भरपूर होता है बल्कि डाइजेशन के लिए भी बेहतरीन माना जाता है। अगर आप भी घर पर कांजी वड़ा का पानी तैयार करना चाहते हैं तो यहां से आसान सी रेसिपी नोट कर सकते हैं।
सामग्री:पानी –
2 लीटर (उबला हुआ और ठंडा किया हुआ) पीली/काली सरसों (दाल) -3 बड़े चम्मच (दरदरी पिसी हुई) लाल मिर्च पाउडर – 1 छोटा चम्मच (स्वादानुसार) हल्दी पाउडर – ½ छोटा चम्मच काला नमक – 1 बड़ा चम्मच सादा नमक – स्वादानुसार हींग – ¼ छोटा चम्मच सरसों का तेल – 1 बड़ा चम्मच
बनाने की विधि :
- मसाला तैयार करें एक बाउल में पिसी हुई सरसों, हल्दी, लाल मिर्च, हींग, काला नमक और सादा नमक मिला लें। इसमें सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह मिक्स करें।
- पानी में घोलें एक कांच या मिट्टी के बर्तन में 2 लीटर पानी लें। तैयार किया हुआ मसाला पानी में डालें और अच्छी तरह चलाएं। मिट्टी का बर्तन इस्तेमाल करने से फर्मेंटेशन अच्छा होता है और स्वाद भी बढ़ता है।
- धूप में रखें बर्तन के मुंह को एक सूती कपड़े से बांध दें। इसे 2 से 3 दिन के लिए धूप में रखें। इसे हर दिन एक बार सूखे चम्मच से पानी को जरूर चलाएं। तीसरे दिन तक पानी में प्राकृतिक खट्टापन आ जाएगा।
- स्मोकी फ्लेवर अगर आप हलवाई जैसा ‘धुंआर’ वाला स्वाद चाहते हैं, तो एक छोटा कोयला जलाकर उसे कटोरी में रखें। कटोरी को कांजी के बर्तन के बीच में तैराएं, उस पर थोड़ी हींग और घी डालें। जैसे ही धुआं निकले, बर्तन को 5 मिनट के लिए ढंक दें।


