बांग्लादेश में पिछले साल पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद से देश में अब तक स्थिरता नहीं आ पाई है। मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है और देश में इस्लामी चरमपंथियों का उत्पात जारी है।
हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जहां उनके खिलाफ हिंसा की घटनाएं आए दिन सामने आती रहती हैं। इस कड़ी में अब देश में बीते कुछ दिनों से यहां के ‘बाउल’ सिंगर्स पर हिंसक और जानलेवा हमले हो रहे हैं। इसके लिए जिम्मेदार चरमपंथी समूहों के खिलाफ एक्शन लेने की बजाय यूनुस सरकार चुपचाप तमाशा देश रही है।
बता दें कि ‘बाउल’ रहस्यवादी लोक संगीतकारों का एक समूह है जो अपनी आध्यात्मिक गीतों, संगीत और नृत्य के लिए जाने जाते हैं। उनके गाने अक्सर मानव शरीर के भीतर देवत्व की खोज और पारंपरिक सामाजिक और धार्मिक रूढ़ियों को खारिज करने से जुड़े दर्शन पर आधारित होते हैं। बाउल संगीत को यूनेस्को से मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता भी मिली है।


