पर्यावरण संरक्षण के मामले में कई अनुत्तरित प्रश्न क्यों आरोपित कर रहें है ?
विभागीय कार्यवाहियों की पारदर्शिता सदस्य सचिव कब सुनिश्चित करवायेंगे ?
क्या क्षेत्रीय अधिकारी पर्यावरण संरक्षण के स्थान पर अनियमितता का संरक्षण कर रहे है ?
पूरब टाइम्स, रायपुर. इन दिनों आम जनता, प्रदूषण पर, छ. ग. पर्यावरण संरक्षण मण्डल की कार्यशैली पर उंगलियां उठाते दिखने लगी हैं. इसका कारण यह हैं कि कागज़ों में बेहतर आंकडे दिखाकर, विभाग अपनी पीठ थपथपाता दिखता हैं जबकि ज़मीनी हकीकत कुछ और बयान करती हैं. उदाहरण के तौर पर यदि किसी को नंगी आंखों से वायु प्रदूषण देखना हैं तो वह देर रात को रायपुर के टाटीबंध, हीरापुर क्षेत्र घूम आए. भिलाई 3, खुर्सीपार में तो लगता हैं कि लोगों के फेफड़ों की परीक्षा ली जाती हो. ऐसा महसूस होता हैं कि क्षेत्रीय अधिकारी पर्यावरण संरक्षण ने कभी ए.सी. गाड़ी से बाहर आकर प्रदूषित हवा की जांच ही नहीं की हो. म्यूनिसिपल के दावो के विपरीत जगह जगह सड़ान्ध फैलाते कचरों के ढ़ेर पर्यावरण विभाग वालों को कभी दिखाई ही नहीं देते. बायो मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल का एक सर्टिफिकेट देकर, वे अस्पतालों के प्रदूषण की तरफ से आंख मूंद लेते हैं और अमूमन यही हालात सीएमएचओ कार्यालय की हैं. पर्यावरण विभाग के मुख्यालय की स्थिति बद से बदतर हो रही हैं. जहां एक ओर पारदर्शिता का अभाव हैं, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण सुरक्षा के लिए जन – जागरण के सभी कार्यक्रम भच्च पड़े हैं. प्रतीत होता हैं कि प्रदेश के सबसे उत्कृष्ट मंत्री ओ.पी. चौधरी की प्रतिष्ठा में आंच लगाने का ठेका जैसे इसी विभाग ने लिया हुआ हैं. पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट..
वार्षिक प्रतिवेदन के मामले में क्षेत्रीय अधिकारी पर्यावरण संरक्षण मंडल की भूमिका प्रश्नांकित क्यों है?
पर्यावरण अधिनियम और नियमों में वार्षिक प्रतिवेदन देने के लिए सभी स्तर के प्राधिकारियों को बाधित करते हैं लेकिन जब विभागीय मुखिया ही अधिनियमित अनुशासन को महत्व न दे तो निश्चित रूप से उसके अधीनस्थ अधिकारियों को विधि की अवमानना करने का अवसर मिल जाता है ऐसी ही स्थिति पर्यावरण संरक्षण मंडल मुख्यालय की है जिसने वार्षिक प्रतिवेदन कब बनाया और उसका क्या किया यह एक अनसुलझी पहेली है लेकिन इस पहेली का फायदा क्षेत्रीय अधिकारी पर्यावरण संरक्षण मंडल छत्तीसगढ़ को सबसे ज्यादा उठाने का अवसर मिलता है क्योंकि वो नगरीय निकायों के अधिकारियों से साठ गांठ करने के अवसर का बेहतरीन फायदा उठाने की स्थिति में रहते है।
सदस्य सचिव कार्यालय में पदस्थ अधिकारियों का कार्य व्यवहार क्षेत्रीय अधिकारी को अनियमित संरक्षण देने वाला क्यों है ?
सदस्य सचिव पर्यावरण संरक्षण मण्डल की भूमिका वैसे तो कागजों में निर्णायक अधिकारी की होती है लेकिन मुख्य खेल तो पर्यावरण संरक्षण मण्डल मुख्याल के अधिकारियों के हाथ में होता है चूंकि छत्तीसढ़ का पर्यावरण संरक्षण मुख्यालय पारदर्शिता सुनिश्चित करवाने की प्रशासकीय कार्यवाहियों को लेखबद्ध नहीं करता है और विभागीय कार्यवाहियों को सार्वजनिक नहीं करने की मंशा से कार्य करता प्रतीत होता है इसलिए स्वाभाविक है पदेन जवाबदेही के मामले से किसी भी अधिकारी का लेने देना नहीं होता है जिसका फायदा क्षेत्रीय अधिकारी उठाते है ऐसा कहे जाने पर शायद ही दो मत होगा ।
प्रदेश के पर्यावरण संरक्षण के लिए सदस्य सचिव पर्यावरण संरक्षण मंडल छत्तीसगढ़ की पदेन भूमिका बहुत अहम है और सदस्य सचिव का कार्यालय पादर्शिता को सुनिश्चित करवाने में गैर जिम्मेदारी वाला कार्य व्यवहार करके प्रदेश के पर्यावरण संरक्षण को अनियमितताओं के हवाले करता नजर आ रहा है जो कि विडंबनापूर्ण स्थिति है ।
अमोल मालूसरे,सामाजिक कार्यकर्ता


