जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए एक ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) मोहम्मद यूसुफ कटारी ने 22 अप्रैल को पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों से चार बार मुलाकात की थी और उन्हें एक एंड्रॉइड फोन चार्जर दिया था। बाद में यह एक महत्वपूर्ण सबूत बना जिसके आधार पर उसे पकड़ लिया गया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि कटारी ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि वह श्रीनगर शहर के बाहर जबरवान पहाड़ियों में चार बार इन तीनों से मिला था। हफ्तों की जांच के बाद उसकी गिरफ्तारी हुई। यह सफलता ऑपरेशन महादेव के स्थल से प्राप्त सामग्री के गहन फोरेंसिक विश्लेषण के बाद मिली है। ऑपरेशन महादेव जुलाई में शुरू किया गया एक आतंकवाद-रोधी अभियान था, जिसके परिणामस्वरूप श्रीनगर के बाहरी इलाके में जबरवान रेंज की तलहटी में पहलगाम नरसंहार में शामिल तीन आतंकवादी मारे गए थे।
पुलिस ने आंशिक रूप से नष्ट हुए एंड्रॉइड मोबाइल फोन चार्जर की जांच के बाद कटारी पर ध्यान केंद्रित किया, जो ऑपरेशन के दौरान बरामद कई वस्तुओं में से एक था। श्रीनगर पुलिस ने आखिरकार चार्जर के असली मालिक का पता लगा लिया, जिसने फोन को एक डीलर को बेचने की पुष्टि की। यही वह जानकारी थी जिसने धीरे-धीरे पुलिस को कटारी तक पहुंचाया। अधिकारियों ने बताया कि कटारी, जो कथित तौर पर ऊंचे इलाकों में खानाबदोश छात्रों को पढ़ाता था, आतंकवादी समूह के लिए एक प्रमुख स्रोत था। माना जाता है कि उसकी मदद से हमलावरों को चार्जर उपलब्ध कराया गया और दुर्गम इलाकों में उनका मार्गदर्शन किया गया।


