हिमंत बिस्वा सरमा के गढ़ में किसने लगा दी सेंध, टूटा 10 साल का विक्ट्री रिकॉर्ड

BTC यानी बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद के चुनाव के नतीजे भारतीय जनता पार्टी की चिंता बढ़ाने वाले हो सकते हैं। चुनाव में NDA के ही दल बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट ने आधे से ज्यादा सीटें जीतकर भाजपा के दबदबे को चुनौती दी है। हालांकि, भाजपा इसे एनडीए की जीत के रूप में ही देख रही है, लेकिन एक ओर जहां BTC में पार्टी की सीटों की संख्या घटी है। वहीं, बीते करीब एक दशक से चला आ रहा विजय रथ भी थम गया है।

क्यों अहम थे चुनाव
दरअसल, बीटीसी चुनावों को साल 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा था। इसके अलावा खुद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा चुनावों में आक्रामक प्रचार अभियान चलाते नजर आए थे। चुनाव से पहले ही सीएम सरमा ने बीपीएफ के साथ गठबंधन का विकल्प खुला रखा था। कहा जा रहा है कि उन्होंने भाजपा विरोधी मुद्दे पर चुनाव लड़ा था।

सरमा ने कहा, मैं हाग्रामा मोहिलरी और बीपीएफ को बीटीसी चुनावों में जीत की बधाई देता हूं। बीपीएफ भी एनडीए का हिस्सा है और अब बीटीसी की सभी 40 सीटें एनडीए घटकों के पास हैं। हाग्रामा मोहिलरी मुझसे सुबह मिलने आए थे और वह एनडीए के साथ ही रहेंगे। गठबंधन में किसी तरह की कोई समस्या नहीं है और हम साथ मिलकर काम जारी रखेंगे।

साल 2016 से अब तक विधानसभा, लोकसभा और स्थानीय निकाय चुनावों में भी भाजपा को जमकर सफलता मिली थी, लेकिन बीटीसी चुनाव ने भाजपा की सीटों का ग्राफ नीचे गिरा दिया है।

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