श्रम कानून -कार्यालय श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ द्वारा श्रमिकों के लिये न्यूनतम वेतन की दरें पुनरीक्षित की गई है!

पूरब टाइम्स , कुछ दिनों पहले पूरब टाइम्स ने सुरक्षा नगरीय निकाय के सफाई कर्मियों के लिये ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के अनुसार सफाई कर्मियों/श्रमिकों के अधिकारों और हितों के बारे में जानकारी डाली थी . इसके बाद छ.ग. के निर्माण विभाग जल संसाधन व लोक कर्म विभाग के कुछ लेबरों ने अपने अधिकारों के संबंध में छापने के लिये , पूरब टाइम्स से अनुरोध किया . इसी दरमियान जल संसाधन विभाग के एक अधीक्षण अभियंता पर लेबरों के हित में रुचि लेकर अपने मातहत अधिकारियों व ठेकेदारों से श्रम कानून का पालन नहीं करवाने पर दुर्ग जिला के सहायक आयुक्त श्रम विभाग को दंडात्मक कार्यवाही का निवेदन किया गया था . जिस पर अपना पदेन कर्तव्य निभाते हुए सहायक आयुक्त श्रम ने नियम व कानून के अनुसार कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है . ऐसे मामलों से यह समझ आता है कि श्रम कानून के अनुसार , विभाग में ठेकेदार द्वारा रिकॉर्ड जमा नहीं करने व अधिकारी द्वारा उन रिकॉर्ड की अपने पदेन कर्तव्यों के नियमानुसार जांच नहीं करने पर , दंडात्मक कार्यवाही हो सकती है . श्रमिकों एवं कर्मचारियों के लिये दैनिक वेतन की शासन द्वारा निर्धारित दरें , आधारभूत आजीविका राशि की जानकारी के लिये पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट …

श्रमिकों के अधिकारों के मामले का सबसे महत्वपूर्ण विषय है. न्यूनतम वेतन की दरें जिसे शासन को तय करना होता है,  इसी शासकीय अपेक्षा को पूरा करते हुए छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग की अधिसूचना कमांक एफ 10-4/2016/16, दिनांक 29.03.2017 एवं अधिसूचना क्रमांक एफ 10-4/2016/16, दिनांक 01.05.2017 द्वारा अधिसूचित सामान्य नियोजन भाग-एक में नियोजित श्रमिकों के लिये न्यूनतम वेतन की दरें पुनरीक्षित की गई है । जो अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 271 (जनवरी-जून 2016) 2001-100 को आधार मानकर संबद्ध की गई है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन का निर्देश श्रमिकों को न्यूनतम वेतन एवं मजदूर दिलवाने वाला आधार स्तंभ है 

नियोजित श्रमिकों को देय परिवर्तनशील महंगाई भत्ते की गणना करना एक जटिल वित्तीय गणना पद्धति है जिसे विषय विशेषज्ञों कई वित्तीय पहलुओं के आधार पर संपादित किया जाता है और राज्य शासन इसकी घोषणा करती है इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ राज्य में घोषणा की गई है । कार्यालय श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ शासन, रायपुर की अधिसूचना क्रमांक/आठ/न्यू०वे० / श्र०आ०/2025/2840, दिनांक 27.03.2025 के अनुसार जुलाई 2024 से दिसम्बर 2024 तक की अवधि में औद्योगिक श्रमिकों को अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का औसत 413.50 रहा है, जिसके कारण गत छःमाही के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 402.10 (2001-100 जनवरी 2024 से जून 2024 के आधार ऑकड़े) के ऊपर (413.50-402.10) 11.40 औसत बिन्दुओं की वृद्धि हुई है। छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ 10-4/2016/16, दिनांक 29.03.2017 एवं अधिसूचना क्रमांक एफ 10-4/2016/16, दिनांक 01.05.2017 के अनुसार अधिसूचित सामान्य नियोजन भाग-एक में नियोजित श्रमिकों को देय परिवर्तनशील महंगाई भत्ते की गणना लेबर ब्यूरो द्वारा निर्मित औद्योगिक श्रमिकों के लिये उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 271 (जनवरी-जून 2016) 2001-100 के आंकड़ो के उपर प्रति छःमाही में हुई औसत वृद्धि पर प्रतिबिन्दु प्रतिमाह 20 रूपये के मान से देय होगा। परिणामस्वरूप 20 रूपये प्रतिबिन्दु प्रतिमाह के मान से प्रतिमाह रूपये 228 या प्रतिदिन रूपये 8.77 (26 दिन के मान से) परिवर्तनशील महँगाई भत्ता दिनांक 01.04.2025 से 30.09.2025 तक देय है। 

श्रमायुक्त एवं सक्षम प्राधिकारी न्यूनतम वेतन सभी विषयों को घोषित करने की कार्यवाही करता है जिसके अनुसार प्रदेश में सभी नियोजक चाहे वे शासकीय हो या अशासकीय इन्हें नियोजित श्रमिकों को भुगतान करना होता है विगत दिनों या घोषणा वित्त विभाग, के पत्र क्रमांक/303/आर/577/92/नि-5/4 दिनांक 30 जून, 1992 तथा छत्तीसगढ़ राज्य में प्रभावशील न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948 की धारा 2 (घ) में निहित प्रावधान सहपठित, श्रम विभाग की अधिसूचना क्रमांक/3761/613/16-ए/82, दिनांक 25.05.1982 के अनुशरण में की गई और कहा गए कि, मैं अलरमेलमंगई डी., श्रमायुक्त, छत्तीसगढ़ एतद् द्वारा परिशिष्ट-“अ” के 45 अधिसूचित नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों एवं कर्मचारियों तथा शासकीय दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों एवं कर्मचारियों के लिये दैनिक वेतन की दरें सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ के लिये अनुसूची- ख एवं “ग” के अनुसार निर्धारित करती हूँ जो दिनांक 01.04.2025 से 30.09.2025 तक देय है। यह अधिकृत घोषणा (अलरमेलमंगई डी.) श्रमायुक्त एवं सक्षम प्राधिकारी न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948 छत्तीसगढ़, रायपुर द्वारा की गई है ।

श्रमिकों एवं कर्मचारियों के लिये दैनिक वेतन की शासन द्वारा निर्धारित दरें आधारभूत आजीविका राशि को सुनिश्चित करवाने वाला आदेश है जिसके विधिक पहलुओं की जानकारी श्रमिक हित रक्षण का आधार है इसलिए इस विषय पर जन जागरूकता लाने का योगदान हम दे रहें है

अमोल मालुसरे,सामाजिक कार्यकर्ता

More Topics

नीट प्रदर्शन पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का हमला, अमित शाह से मांगा इस्तीफा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को केंद्र सरकार...

भिलाई-3 में गाड़ी हटाने को लेकर खूनी झड़प, 4 गिरफ्तार

भिलाई-3 के डबरापारा में रास्ते में खड़ी पिकअप हटाने...

छत्तीसगढ़ में बारिश का कहर

गरियाबंद जिले में उदंती नदी पर करीब 9 करोड़...

रोटरी क्लब पिनेकल भिलाई के आयोजन ‘डोरी’ प्रदर्शनी ने महिला उद्यमियों को दिए नए अवसर

रोटरी क्लब भिलाई पिनेकल द्वारा आयोजित विशेष प्रदर्शनी “डोरी...

इसे भी पढ़े