उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले(Uttarakhand cloudburst) के धराली में हाल ही में बादल फटने के कारण आई बाढ़ ने तबाही मचा दी। होटल और मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए। इस हादसे में 4 लोगों की मौत हो चुकी है और 50 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। आइए जानते हैं हाल के वर्षों में कब-कब हुईं ऐसी घटनाएं।

HighLights
- उत्तराखंड में बादल फटने से भारी तबाही।
- अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी, 50 लोग गायब।
- भारत के कई हिस्सों में बादल ने कहर बरपा है।
नई दिल्ली। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली में हाल ही में बादल फटने(Uttarakhand cloudburst) के कारण आई बाढ़ ने तबाही मचा दी। होटल और मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए। इस हादसे में 4 लोगों की मौत हो चुकी है और 50 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत दलों का कहना है कि यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।


हर्षिल क्षेत्र में खीर गंगा गदेरे (गहरी खाई/नाला) का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे धराली गांव में भारी नुकसान हुआ। मानसून के दौरान बादल फटना कोई नई बात नहीं है, खासकर हिमालयी राज्यों में। इन घटनाओं का पूर्वानुमान लगाना बेहद मुश्किल है। आइए जानते हैं हाल के वर्षों में कब-कब हुईं ऐसी घटनाएं।

हाल की बड़ी घटनाएं


जुलाई 2025, हिमाचल प्रदेश:
मंडी जिले में 30 जून और 1 जुलाई की दरमियानी रात भारी बारिश के कारण बादल फटने और अचानक बाढ़ की घटनाएं हुईं। इन हादसों में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई।
अप्रैल 2025, जम्मू-कश्मीर:
रामबन जिले में भारी बारिश के चलते कई जगहों पर अचानक बाढ़ आई। इस घटना में 3 लोगों की मौत हुई, करीब 40 घर क्षतिग्रस्त हो गए और कई वाहन बह गए।
जुलाई 2024, केरल:
30 जुलाई की सुबह वायनाड जिले में भूस्खलन और भारी बारिश ने कहर बरपाया। इस आपदा में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। यह केरल के इतिहास की सबसे भीषण आपदाओं में से एक मानी जाती है। तीन दिनों में 570 मिमी से अधिक बारिश दर्ज हुई। हादसे में 397 लोग घायल भी हुए।
31 जुलाई 2024, हिमाचल प्रदेश:
शिमला, कुल्लू और मंडी जिलों में बादल फटने और बाढ़ से 22 लोगों की मौत हो गई, जबकि 33 लोग लापता रहे।
28 जुलाई 2021, जम्मू-कश्मीर:
किश्तवाड़ जिले के हुंजार गांव में बादल फटने से 26 लोगों की मौत और 17 लोग घायल हुए। यह घटना दच्छन क्षेत्र में हुई थी।


