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Monday, March 2, 2026
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जब पीएम नरेंद्र मोदी ने पूछा हिंदी में बात करें या मराठी में?

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मशहूर वकील उज्ज्वल निकम को राज्यसभा के लिए नामित किया है। निकम 26/11 मुंबई आतंकी हमला मामले में सरकारी वकील रह चुके हैं। निकम ने बताया कि उन्हें राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किए जाने की जानकारी सबसे पहले खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी थी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ने उन्हें फोन किया और मराठी में बात की।

निकम ने कहा, शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे नॉमिनेशन की जानकारी दी। उन्होंने कहा, हम हिंदी में बात करें या फिर मराठी में? इसके बाद दोनों ही हंसने लगे। इसके बाद प्रधानमंत्री ने मुझसे मराठी में ही बात की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने मुझे एक जिम्मेदारी दी है। इसके बाद उन्होंने राज्यसभा के लिए नामांकन के बारे में बताया। मैंने भी इस नॉमिनेशन को सहर्ष स्वीकार कर लिया।

पीएम मोदी ने दी बधाई
बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, इतिहासकार मीनाक्षी जैन और शिक्षक व राजनेता सी सदानंदन मास्टर को राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किया है। पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘श्री उज्ज्वल निकम का कानूनी क्षेत्र और हमारे संविधान के प्रति समर्पण अनुकरणीय है। वह न केवल एक सफल वकील रहे हैं, बल्कि महत्वपूर्ण मामलों में न्याय के प्रयासों में भी सबसे आगे रहे हैं।’

उन्होंने कहा कि अपने पूरे कानूनी करियर के दौरान निकम ने हमेशा संवैधानिक मूल्यों को मज़बूत करने और आम नागरिकों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए काम किया है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘यह खुशी की बात है कि राष्ट्रपति ने उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है। उनकी संसदीय पारी के लिए मेरी शुभकामनाएं।’

उज्ज्वल निकम का जन्म महाराष्ट्र के जलगांव में हुआ था। मुंबई हमले के बाद पकड़े गए आतंकी अजमल कसाब के खिलाफ उन्होंने सरकारी वकील के तौर पर केस लड़ा था। उसे फांसी दिलवाने में उज्ज्वल निकम की बड़ी भूमिका मानी जाती है। 193 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में भी वह सरकारी वकील रह चुके हैं। उनकी गिनती देश के प्रतिष्ठित वकीलों में होती है।

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