कवासी लखमा की गिरफ्तारी को लेकर सुकमा में बंद का असर दिख रहा है। पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा की गिरफ्तारी के विरोध में जिला कांग्रेस ने एक दिवसीय सुकमा बंद का आह्वान किया है। जिला मुख्यालय में इसका व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है।
प्रमुख घटनाएं:
व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर असर:
सुबह से ही सुकमा के बाजार बंद हैं। दुकानें, कार्यालय और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान ठप हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन:
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर में रैली निकाली और नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। उन्होंने लखमा की गिरफ्तारी को राजनीति से प्रेरित बताया और तत्काल रिहाई की मांग की।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी:
संभावित विवादों और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन सतर्क है। प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
पृष्ठभूमि:
कवासी लखमा, जो छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक प्रमुख आदिवासी नेता हैं, उनकी गिरफ्तारी को कांग्रेस पार्टी ने दुर्भावनापूर्ण कदम बताया है। पार्टी का कहना है कि यह कार्रवाई राज्य में विपक्षी दलों को कमजोर करने के उद्देश्य से की गई है।


