भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार की मजबूती ने वैश्विक वित्तीय परिदृश्य में एक नई मिसाल कायम की

भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार की मजबूती ने वैश्विक वित्तीय परिदृश्य में एक नई मिसाल कायम की है। दिसंबर महीने में भारतीय शेयर बाजार का पूंजीकरण 9% बढ़ा, जो पिछले 3 सालों में सबसे बड़ी वृद्धि है। भारतीय बाजार ने अमेरिकी, चीनी, और जापानी जैसे प्रमुख वैश्विक बाजारों को पीछे छोड़ते हुए 4.93 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप तक पहुँचने में सफलता प्राप्त की।

इस वृद्धि का प्रमुख कारण विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार में पुनः विश्वास लौटना था। दिसंबर में अब तक विदेशी निवेशकों ने 2.37 अरब डॉलर का निवेश किया है, जिससे बाजार में उत्साह का माहौल बना। इसके अलावा, भारतीय मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने भी सकारात्मक प्रदर्शन दिखाया, जबकि सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली गिरावट देखी गई।

दूसरी ओर, दुनिया के प्रमुख शेयर बाजारों में गिरावट आई है। अमेरिका, चीन और जापान के शेयर बाजारों में दिसंबर में क्रमशः 0.42%, 0.55%, और 2.89% की गिरावट रही। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय बाजार ने वैश्विक मंदी के बावजूद सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है।

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