स्थान: राजपथ, नई दिल्ली
निर्माण वर्ष: 1921-1931
वास्तुकार: सर एडविन लुटियंस
ऊंचाई: 42 मीटर
इतिहास और निर्माण
इंडिया गेट भारत का एक प्रमुख युद्ध स्मारक है, जिसे प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) और तीसरे एंग्लो-अफगान युद्ध (1919) में शहीद हुए 70,000 से अधिक भारतीय सैनिकों की स्मृति में बनाया गया था। इसका शिलान्यास 10 फरवरी 1921 को ड्यूक ऑफ कनॉट ने किया था, और इसे 1931 में वायसराय लॉर्ड इरविन ने राष्ट्र को समर्पित किया।
वास्तुकला और संरचना
इंडिया गेट लाल और पीले बलुआ पत्थरों से बना है, और इसकी डिजाइन फ्रांस के आर्क डी ट्रायम्फ से प्रेरित है। इस पर उन शहीदों के नाम अंकित हैं जिन्होंने ब्रिटिश भारतीय सेना के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए थे।
अमर जवान ज्योति
1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद, यहां अमर जवान ज्योति स्थापित की गई थी, जो शहीदों की याद में सदैव जलती रहती थी। हालांकि, 2022 में इसे राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में स्थानांतरित कर दिया गया।
महत्व और आज का इंडिया गेट
आज, इंडिया गेट केवल एक युद्ध स्मारक नहीं बल्कि देशभक्ति और बलिदान का प्रतीक भी है। हर साल गणतंत्र दिवस परेड यहीं से शुरू होती है और इसे देखने हजारों लोग आते हैं।
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