एआई स्कैम : जीमेल यूजर्स को ठगने के नए तरीके

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ने तकनीक की दुनिया में क्रांति ला दी है, लेकिन इसके साथ ही नए खतरे भी उत्पन्न हो गए हैं। हाल ही में Forbes की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि एआई के माध्यम से स्कैमर जीमेल यूजर्स को निशाना बना रहे हैं। स्कैमर्स एआई-जेनेरेटेड कोड, फिशिंग ईमेल और डीपफेक का उपयोग कर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं, और इन तरीकों से उनके ठगने के प्रयास इतने असली लगते हैं कि सिक्योरिटी एक्सपर्ट भी धोखा खा जाते हैं।

एआई स्कैम का तरीका:

स्कैमर्स यूजर्स को जीमेल अकाउंट को रिस्टोर करने के लिए मैसेज भेजते हैं, जिसमें एक कन्फर्मेशन लिंक होता है। यदि यूजर्स इस मेल को इग्नोर करते हैं, तो स्कैमर्स एआई द्वारा कॉल करते हैं। इस कॉल में, स्कैमर यूजर्स को गूगल अकाउंट पर संदिग्ध गतिविधियों के बारे में बताते हैं। कई बार यूजर्स इन स्कैमर्स के झांसे में आकर उनके फिशिंग मेल को खोल देते हैं और लिंक पर क्लिक कर देते हैं।

ये लिंक यूजर के गूगल बिजनेस पेज का एक्सेस स्कैमर्स को दे देता है, जिससे यह हैकिंग का प्रयास सभी के लिए खतरनाक हो सकता है।

सावधानी बरतें:

जीमेल के दुनियाभर में कई बिलियन यूजर्स हैं, और इस एआई स्कैम का इस्तेमाल उन्हें टारगेट करने के लिए किया जा रहा है। अगर आप भी जीमेल का उपयोग करते हैं, तो आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • किसी भी संदेहास्पद नोटिफिकेशन, ईमेल और कॉल पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
  • यदि कोई संदिग्ध लिंक भेजा जाता है, तो उसे खोलने से पहले अच्छी तरह सोचें।
  • अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और जरूरत पड़ने पर सिक्योरिटी एक्सपर्ट से सलाह लें।

इन सावधानियों को अपनाकर आप इन नए एआई स्कैम के प्रयासों से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। सतर्क रहना और सजग रहना ही इस तकनीकी युग में सबसे महत्वपूर्ण है।

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