Total Users- 1,170,307

spot_img

Total Users- 1,170,307

Thursday, March 12, 2026
spot_img

क्या विधानसभा का ये बजट सत्र कई मंत्रियों के लिए ‘विदाई समारोह’ का रिहर्सल साबित हो सकता है ?

आम जनता की नाराजगी व सर्वे में छ.ग. प्रदेश सरकार की लोकप्रियता के गिरते ग्राफ के कारण , पिछले एक साल से कई बार सुनने में आया कि प्रदेश के अनेक मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है. अक्सर, जब इंजन शोर ज्यादा करे और गाड़ी आगे न बढ़े, तो इंजन के पार्ट बदलने की सुगबुगाहट तेज हो ही जाती है. विधानसभा में अपनी ही पार्टी के विधायक जब सवाल पूछते हैं, तो कुछ मंत्री ऐसे बगले झांकते हैं मानो ऊपर छत पर ही उनके जवाब लिखे हों. विपक्ष से ज्यादा तो अपनों के ‘बाण’ ही उन्हें घायल कर रहे हैं. वरिष्ठ विधायक व मंत्री अब ‘संकटमोचन’ बनने के मूड में नहीं दिखते. शायद उन्हें लगता है कि दूसरों की आग बुझाने के चक्कर में कहीं खुद के कुर्ते में चिंगारी न लग जाए. राजस्व विभाग ने रजिस्ट्री की दरें बढ़ाकर जनता की जेब पर डाका डालने की कोशिश तो की थी पर मुख्यमंत्री ने समय रहते ‘हवा’ निकाल दी. अब मंत्री जी समझ नहीं पा रहे कि वे ‘कमाऊ पूत’ कहलाएंगे या ‘छवि बिगाड़ू’ विलेन. कांग्रेस अभी भी ‘पारिवारिक’ उलझनों में ऐसी फंसी है कि उन्हें बाहर की धूप दिख ही नहीं रही. वे राजस्व मामले में आंदोलन की तैयारी करते रह गए और यहं सरकार ने खुद ही अपना ‘पंचर’ ठीक कर लिया. हाई कमान के पास सबका रिपोर्ट कार्ड है. सो एक बात तो तय है कि जो इस आखरी मौके , 23 तारीख से शुरु होने वाले सत्र, में भी सदन में काबिलियत नहीं दिखा पाएगा, उसे अगली बार विधानसभा की कैंटीन में चाय पीते हुए ही सत्र देखना पड़ सकता है.
इंजी. मधुर चितलांग्या , संपादक , दैनिक पूरब टाइम्स , भिलाई

More Topics

बिहार भर्ती बोर्ड की गंभीर लापरवाही ,एडमिट कार्ड पर पर कुत्ते की फोटो

बिहार के रोहतास में भर्ती परीक्षा प्रणाली की गंभीर...

साझी मेहनत, साझा समृद्धि — ‘बिहान’ से बदल रहा ग्रामीण महिला जीवन

धमतरी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित छत्तीसगढ़...

धामी सरकार ने हरिद्वार कुंभ मेला 2027 के लिए 1000 करोड़ किये आवंटित

आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और राज्य के धार्मिक...

इसे भी पढ़े