दिल्ली अदालत ने मीडिया को बाहर जाने को कहा, अगली सुनवाई 7 जनवरी को
दिल्ली की एक विशेष अदालत ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के नेताओं के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा दर्ज मामले में बंद कमरे (इन-कैमरा) में कार्यवाही करने का आदेश दिया है। यह आदेश शनिवार को विशेष न्यायाधीश (एनआईए) प्रशांत शर्मा ने दिया।
अदालत में PFI के 20 आरोपी नेताओं के खिलाफ आरोप तय किए जाने की सुनवाई चल रही थी। इस दौरान न्यायाधीश ने मीडियाकर्मियों को अदालत कक्ष से बाहर जाने का निर्देश देते हुए कहा कि आगे की कार्यवाही बंद कमरे में होगी।
सूत्रों के अनुसार, अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 7 जनवरी 2026 को निर्धारित की है। इससे पहले एनआईए ने 21 दिसंबर 2025 को अदालत को बताया था कि PFI पर पड़ोसी देशों से हथियार खरीदने, अपने कैडरों को हथियारों का प्रशिक्षण देने तथा मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के गंभीर आरोप हैं।
गौरतलब है कि सितंबर 2022 में केंद्र सरकार ने आतंकवाद-निरोधक कानून के तहत PFI और उसके कई सहयोगी संगठनों पर पांच वर्षों के लिए प्रतिबंध लगा दिया था। सरकार ने आरोप लगाया था कि संगठन के संबंध आईएसआईएस जैसे वैश्विक आतंकवादी संगठनों से हैं और वह देश की सुरक्षा के लिए खतरा है।
PFI से जुड़े इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील प्रकरण माना जा रहा है, इसी को ध्यान में रखते हुए अदालत द्वारा बंद कमरे में सुनवाई का फैसला लिया गया है।


