GST Rate Cut: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने घोषणा की है कि 22 सितंबर से 375 वस्तुओं पर जीएसटी दरें घटेंगी। उन्होंने कंपनियों को सख्त निर्देश दिए कि Tax कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचे। सरकार निर्यातकों के लिए पैकेज पर भी काम कर रही है। इससे त्योहारों (Navtari 2025) से पहले आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।

नई दिल्ली: त्योहारों के सीजन से पहले केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को बड़ा तोहफा दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने घोषणा की है कि 375 वस्तुओं पर जीएसटी दरें घटाई (GST Rate Cut) जाएंगी। यह नई दरें नवरात्र (Navratri 2025) 22 सितंबर से लागू होंगी। निर्मला सीतारमण ने साफ कहा कि कंपनियों को यह लाभ ग्राहकों तक पहुंचाना अनिवार्य होगा।
आम आदमी और किसानों को राहत देना मकसद
वित्त मंत्री ने बताया कि GST सुधार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर किए गए हैं, जिनका मकसद आम आदमी, किसान और छोटे कारोबारियों को राहत देना है। उन्होंने कहा कि कई कंपनियां पहले ही दाम घटाने का ऐलान कर चुकी हैं और सरकार कीमतों पर नजर रख रही है। सांसदों को भी अपने क्षेत्रों में मूल्य की निगरानी करने को कहा गया है।
नवरात्रि से लागू होंगी नई दरें
नई दरें नवरात्रि की शुरुआत से लागू होंगी, जब देशभर में खरीदारी बढ़ जाती है। सीतारमण को उम्मीद है कि इस कदम से उपभोग और अर्थव्यवस्था दोनों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि टैक्स दरों में बार-बार बदलाव नहीं किया जाएगा। हालांकि कुछ राज्यों ने राजस्व नुकसान की आशंका जताई है। इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि नुकसान केवल राज्यों को नहीं, केंद्र को भी झेलना पड़ता है, लेकिन जब जनता के पास पैसा होगा तो अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
फाइनेंस मिनिस्टर ने बताया कि अब ज्यादातर वस्तुएं कम TAX कैटेगरी में हैं और केवल 13 सामान लग्जरी और सिन् गुड्स श्रेणी में बचे हैं। इससे टैक्स ढांचा सरल होगा और उपभोक्ताओं को बचत होगी।
बिलिंग सिस्टम होगें अपडेट
सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) के चेयरमैन संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि कंपनियों को तुरंत अपने बिलिंग सिस्टम अपडेट करने होंगे ताकि नई दरें सही समय पर लागू हो सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी सेक्टर ने टैक्स कटौती का फायदा उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचाया तो सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी।
खासतौर पर बीमा और ऑटो सेक्टर को मिली राहत उपभोक्ताओं तक पहुंचानी होगी। वहीं सिगरेट, पान मसाला और तंबाकू जैसे ‘सिन् गुड्स’ पर टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई है।


