भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) गवई आज (रविवार) अपने पद से रिटायर हो रहे हैं। जस्टिस सूर्यकांत सोमवार को अगले सीजेआई के रूप में पद की शपथ लेंगे। रिटायरमेंट के अपने आखिरी दिन सीजेआई गवई ने साफ किया कि वह भविष्य में कोई पद नहीं लेंगे। साथ ही, हेट स्पीच के मामलों पर कानून बनाने की वकालत की। सीजेआई गवई ने बताया कि वह कभी भी गवर्नर भी नहीं बनेंगे, क्योंकि प्रोटोकॉल के हिसाब से सीजेआई पद बड़ा होता है।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, सीजेआई गवई से पूछा गया कि हेट स्पीच के बढ़ते मामलों पर आपकी क्या राय है, तो उन्होंने जवाब दिया कि यह सरकार को तय करना है, लेकिन हेट स्पीच पर एक कानून बनाने की जरूरत है। सीजेआई गवई ने मीडिया से बात करते हुए पोस्ट रिटायरमेंट के सवाल पर कहा, ”मैंने यह साफ कर दिया है कि मैं रिटायरमेंट के बाद कोई पद नहीं लूंगा।
मैं आदिवासियों के लिए काम करना चाहूंगा। मैं ज्यादातर दिल्ली में ही रहूंगा।” जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कभी किसी राज्य के राज्यपाल का पद स्वीकार करेंगे, क्योंकि उनके पिता भी गवर्नर रहे थे। इस पर जस्टिस गवई ने कहा कि नहीं, कभी नहीं। प्रोटोकॉल के हिसाब से सीजेआई का पद गर्वनर के पद से ऊंचा होता है।


