चेन्नई एयरपोर्ट: दूसरे रनवे की बाधाएं होंगी दूर, इमारतों पर चलेगा बुलडोजर

चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दूसरे रनवे के संचालन में आ रही बाधाओं को हटाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। एयरपोर्ट के इस रनवे पर अब तक छोटे विमानों का संचालन किया जा रहा था, लेकिन बड़े विमानों की लैंडिंग में दिक्कतें आ रही थीं। अधिकारियों के अनुसार, कोलापक्कम गांव के आसपास 509 बाधाएं थीं, जिनमें नारियल के पेड़, मोबाइल टावर और ऊंची इमारतें शामिल थीं।

अब तक क्या हुआ?
प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 133 नारियल के पेड़ और 7 मोबाइल टावर हटा दिए हैं। 2023 तक बाधाओं की संख्या घटकर 180 रह गई थी, लेकिन 2024 में नए मोबाइल टावर और इमारतों के चलते यह संख्या फिर से बढ़कर 278 हो गई।

क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

  • स्थानीय लोगों को कम ऊंचाई वाले नारियल के पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
  • 2 मीटर से ऊंची नई इमारतों को गिराने के निर्देश दिए गए हैं।
  • प्रशासन, हवाई अड्डा प्रबंधन और स्थानीय अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।

क्या होगा फायदा?
अगर सभी बाधाओं को हटा दिया जाता है, तो दूसरा रनवे पूरी क्षमता से इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिससे चेन्नई के लिए अधिक उड़ानें संचालित हो सकेंगी और बड़े विमानों की लैंडिंग भी संभव होगी।

बैठक में डीएमके सांसद टी.आर. बालू, लोकसभा सदस्य विजय वसंत, जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस और हवाई अड्डा अधिकारी शामिल हुए। सभी ने जल्द से जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया, ताकि हवाई यातायात में कोई बाधा न आए और स्थानीय लोगों को भी कोई परेशानी न हो।

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