राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत क्लाइमेट ऐक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को गिरफ्तार किया गया है। बीते सप्ताह लद्दाख में भड़की हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई थी और दो दर्जन के करीब लोग घायल थे। इस हिंसा के लिए लोगों को उकसाने का आरोप सोनम वांगचुक पर लगा था। इस मामले में उनके खिलाफ कई थ्योरी भी चल रही हैं। उनकी पाकिस्तान यात्रा भी सवालों में है और इसकी जांच की जा रही है। वहीं उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने पति का बचाव किया है और कहा कि वह पाकिस्तान सिर्फ एक क्लाइमेट समिट में हिस्सा लेने गए थे। उन्होंने कहा कि उस समिट का आयोजन संयुक्त राष्ट्र और पाकिस्तान के एक मीडिया हाउस ने किया था।
गीतांजलि ने कहा कि आखिर एक क्लाइमेट समिट में हिस्सा लेने भर से कोई व्यक्ति कैसे आईएसआई का एजेंट बन सकता है। उन्होंने यह बात लद्दाख पुलिस के उस दावे पर कही, जिसमें कहा जा रहा है कि वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के संपर्क में थे। गीतांजलि ने कहा कि यह पूरी तरह से गलत है और मैं इसकी निंदा करती हूं। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक को फंसाने के लिए फर्जी नैरेटिव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘जब लद्दाख की सरकार चीनी टैबलेट्स खरीदे थे तो सोनम वांगचुक का कहना था कि हमें सोचना होगा कि कैसे चीन का मुकाबला बुलेट्स की बजाय वॉलेट से किया जाए। ऐसा व्यक्ति कैसे राष्ट्र विरोधी हो सकता है?’


