कांग्रेस महासचिव और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि आयोग बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने और कथित ‘वोट चोरी’ के मामलों की अनदेखी कर रहा है।
शनिवार को मीडिया से बातचीत में पायलट ने कहा कि आयोग विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने पर तुला हुआ है। उन्होंने दावा किया—
“राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ के ठोस सबूत पेश किए हैं। इसके बावजूद आयोग न तो आरोपों का खंडन कर रहा है और न ही किसी प्रकार की जांच शुरू कर रहा है।”
मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप
पायलट ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में सुनियोजित तरीके से छेड़छाड़ की जा रही है। उन्होंने कहा कि करोड़ों वैध वोट या तो हटा दिए गए हैं या गलत तरीके से चिह्नित कर दिए गए हैं।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि निष्पक्ष चुनाव कराना निर्वाचन आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है और यदि इस तरह की गतिविधियां जारी रहीं तो लोकतंत्र में जनता का भरोसा कमजोर हो सकता है।
कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी अभियान
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि कांग्रेस ने मतदाता सूची में गड़बड़ियों को उजागर करने के लिए देशव्यापी अभियान शुरू किया है।
विदेश नीति पर भी साधा निशाना
सचिन पायलट ने केंद्र सरकार की विदेश नीति की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब और पाकिस्तान के साथ कूटनीति कमजोर रही है, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति की टैरिफ घोषणाओं के दौरान राहत उपायों में भी देरी हुई है।


