महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति के दो घटक दलों यानी भाजपा और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पार्टी शिवसेना के बीच कलह थमना मुश्किल नजर आ रहा है।
भारतीय जनता पार्टी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच एक-दूसरे के कार्यकर्ताओं और नेताओं की खरीद-फरोख्त को लेकर दोनों दलों के बीच पिछले कुछ दिनों से तनाव टकराव की चल रहा था, जिसे अमित शाह के दखल के बाद माना जा रहा था कि तनाव का दौर खत्म हो जाएगा लेकिन भाजपा ने फिर से शिवसेना के तीन नेताओं को तोड़कर मिला लिया है। इससे दोनों साथी दलों के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है।
दरअसल, दोनों दलों के बीच पिछले ही दिनों यह समझौता हुआ था कि कोई भी दल एक-दूसरे के नेताओं के अपनी पार्टी में सामिल नहीं कराएगा। बावजूद इसके BJP ने सोमवार को शिवसेना के तीन नेताओं को अपने साथ मिला लिया। इनमें से एक शिवसेना नेता अंबरनाथ से और दो संभाजीनगर से हैं। अंबरनाथ में जो नेता शिवसेना छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं, वह एक बिजनेसमैन हैं और पुराने शिव सैनिक रहे हैं। रूपसिंह धाल की पहचान ज्वैलर्स एसोसिएशन के पूर्व प्रेसिडेंट के तौर पर भी रही है।


