जम्मू और कश्मीर के लिए राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग कर रहे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने साफ कर दिया है कि वह भारतीय जनता पार्टी के साथ नहीं जाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा है कि वह किसी भी तरह के राजनीतिक समझौते के लिए तैयार नहीं हैं। इससे पहले उन्होंने केंद्र को चेताया था कि राज्य के लोगों के धैर्य का फायदा नहीं उठाया जाना चाहिए था।
अब्दुल्ला ने कहा, ‘अगर आप लोग तैयार हैं, तो मुझे बता दें क्योंकि मैं ऐसा लेनदेन करने के लिए तैयार नहीं हूं। अगर यह जरूरी है कि भाजपा को सरकार में शामिल करना ही होगा, तो मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लीजिए। यहां से किसी भी विधायक को मुख्यमंत्री बना लें और भाजपा के साथ सरकार बना लें।’
अब्दुल्ला ने कहा कि अगर भाजपा को सरकार में शामिल कर लेते हैं, तो राज्य का दर्जा काफी पहले ही बहाल हो जाता। उन्होंने कहा, ‘क्या हमें भाजपा को सरकार में शामिल करना चाहिए। इस बात की संभावनाएं हैं कि भाजपा को शामिल करने से हमें तोहफा मिल सकता था। वह राज्य का दर्जा पहले ही बहाल कर देते।’
अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के लोग राज्य का दर्जा बहाल करने की अपनी मांग को लेकर धैर्य बनाए हुए हैं, लेकिन केंद्र को इसका फायदा नहीं उठाना चाहिए। अब्दुल्ला ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘हालात बिगड़ने में ज़्यादा वक़्त नहीं लगता। हम नहीं चाहते कि यहां फिर से बेगुनाहों का खून बहे। हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखते रहेंगे।’


