योगी ने एक बयान दिया कि देश में दो नमूने हैं, एक दिल्ली में और एक यहां (यूपी में). अखिलेश यादव ने तुरंत ट्विट कर जवाब दिया , “ आत्म स्वीकृति “. बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व यदि योगीजी या अखिलेश को हल्के से ले रही है तो यूपी में आने वाले विधानसभा चुनाव में मुश्किलें बहुत बढ़ सकती हैं . आज की स्थिति में , अखिलेश को रोकने के लिये बीजेपी के पास सबसे बड़ी ताक़त योगीजी हैं पर यदि उनके साथ खेला हुआ तो यूपी में बीजेपी के साथ खेला होने से रोक पाना मुश्किल होगा . आपकी क्या राय है ?
इंजी. मधुर चितलांग्या संपादक , दैनिक पूरब टाइम्स


