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Tuesday, March 24, 2026
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एक बार फिर संघर्ष की आवाज! रूस ने पूर्वी एशिया में भी पंगा लिया, जापान और द. कोरिया की सीमा पर लड़ाकू विमान भेजे

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच, रूस ने पूर्वी एशिया में नया तनाव पैदा किया है। गुरुवार को रूस ने दो Tu-142 लड़ाकू विमानों को जापान और दक्षिण कोरिया की हवाई सीमाओं पर भेजा। ये विमान जापान के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) में प्रवेश करते हुए जापान के ऊपर घूमते रहे। उसने दक्षिण कोरिया की हवाई सीमा भी पार की। दक्षिण कोरिया और जापान ने इस उकसावे का तुरंत उत्तर देते हुए फाइटर जेट्स (लड़ाकू विमान) भेजे, लेकिन रूसी विमान वापस आ गए। रूस ने यह कार्रवाई की जब यूक्रेन को अमेरिका और ब्रिटेन से लंबी दूरी की मिसाइलें (ATACMS और स्टॉर्म शैडो) मिलने की संभावना बढ़ रही है।

यूक्रेन लंबे समय से इन मिसाइलों की मांग कर रहा है ताकि वह रूस के बाहर भी हमला कर सके। ब्रिटेन ने इसकी कथित अनुमति दी है, लेकिन अमेरिका अभी इस पर विचार कर रहा है। रूस ने अमेरिका और पश्चिमी देशों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर यूक्रेन को इन हथियारों का उपयोग करने दिया गया तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। रूस की इस उकसावे वाली कार्रवाई को अमेरिका और उसके एशियाई सहयोगी देशों (जापान और दक्षिण कोरिया) को चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। ADIZ एक अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र है जिसे देशों ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए विमानों की ट्रैकिंग और पहचान करने के लिए बनाया है।

रूस का Tu-142 एक लंबी दूरी का लड़ाकू पनडुब्बी रोधी और समुद्री टोही विमान है। यह विशेष रूप से समुद्र के अंदर छिपी परमाणु पनडुब्बियों को खोजने और देखने के लिए बनाया गया है। यह 39,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है और 6,500 किलोमीटर की उड़ान रेंज है। किसी आपातकालीन परिस्थिति में, यह विमान आर्कटिक क्षेत्र में उड़ान भर सकता है और समुद्र के नीचे मौजूद ड्रोन, जहाजों और पनडुब्बियों को भी पहचान सकता है। इस विमान की सामान्य गति 711 किमी प्रति घंटा है, जिसमें 11 से 13 क्रू मेंबर सवार हो सकते हैं।

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