न्यूयॉर्क टाइम्स ने स्टूडेंट ग्रुप्स और ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइज़ेशन्स के हवाले से बताया कि ईरान के दो सबसे बड़े शहरों, तेहरान और मशहद में कई यूनिवर्सिटी कैंपस में लगातार दूसरे दिन भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन जारी रहे, जबकि अधिकारी विरोध को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
स्टूडेंट ग्रुप्स ने बताया कि तेहरान में कम से कम सात यूनिवर्सिटी कैंपस और उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में प्रदर्शन हुए। इंटरनेशनल मीडिया द्वारा वेरिफाइड वीडियो में स्टूडेंट्स कड़ी सिक्योरिटी के बावजूद इकट्ठा होते और नारे लगाते हुए दिख रहे हैं।
जनवरी में सिक्योरिटी फोर्सेस द्वारा देश भर में प्रदर्शनों को दबाने के बाद से ये प्रदर्शन कैंपस में पहली बड़ी अशांति है। राइट्स ग्रुप्स के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान हजारों लोग मारे गए, जबकि ईरानी सरकार ने कहा है कि अशांति में 3,000 से ज़्यादा लोग मारे गए, जिसके लिए उसने इज़राइल और यूनाइटेड स्टेट्स के सपोर्ट वाले “टेररिस्ट” को ज़िम्मेदार ठहराया।
राइट्स ऑर्गनाइज़ेशन्स का अनुमान है कि मरने वालों की संख्या काफी ज़्यादा है और न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि तब से लगभग 40,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।


