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Monday, February 9, 2026
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साइमन कमीशन का विरोध: ऐतिहासिक संघर्ष और भारतीय स्वतंत्रता की दिशा

साइमन कमीशन (Simon Commission) भारत 3 फरवरी 1928 को आया था। यह आयोग ब्रिटिश सरकार द्वारा भारतीय संविधान सुधारों के बारे में सिफारिशें करने के लिए गठित किया गया था। इसका नेतृत्व सर जॉन साइमन (Sir John Simon) ने किया था, और इसमें कोई भी भारतीय सदस्य नहीं था, जिससे भारतीय जनता में भारी असंतोष फैल गया।

साइमन कमीशन के भारत आगमन के समय भारतीय नेताओं ने इसका विरोध किया क्योंकि इसमें भारतीय प्रतिनिधित्व नहीं था। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों ने इसके विरोध में व्यापक विरोध प्रदर्शन किए। यह विरोध “साइमन गो बैक” (Simon Go Back) के नारे के रूप में प्रसिद्ध हुआ।

साइमन कमीशन के आने के कारण भारतीय समाज और राजनीति में एक बड़ा आंदोलन पैदा हुआ, और इसके बाद भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को और गति मिली। 1930 में साइमन कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर भारत में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में नई दिशा आई और बाद में 1935 का भारत सरकार अधिनियम (Government of India Act, 1935) लागू हुआ।

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