बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने मासिक संरक्षा संगोष्ठी में ड्यूटी के दौरान सतर्कता व सक्रियता दिखाकर संभावित रेल हादसों को टालने वाले पांच रेलकर्मियों को संरक्षा पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

महाप्रबंधक ने कहा कि यह पुरस्कार रेल संरक्षा के प्रति कर्मचारियों के समर्पण और उत्कृष्ट कार्यक्षमता का प्रतीक है, जो यात्रियों की निश्चिंत और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी सजग रेलकर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि यह सम्मान अन्य कर्मचारियों को भी प्रेरित करेगा। संरक्षित रेल परिचालन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है।इस अवसर पर जोन के सभी विभागाध्यक्ष और अधिकारी मौजूद थे।

पुरस्कार पाने वाले कर्मियों के कार्य:
- 27 फरवरी 2025: लोको पायलट मनोज कुमार सिंह ने तिरोड़ा स्टेशन पर सिग्नल पर खड़ी ट्रेन के दौरान ओएचई में असामान्य कंपन देखा। जांच में कांटेक्ट वायर नीचे लटकता पाया, सूचना देकर अन्य ट्रेनों को क्षति से बचाया।
- 1 जुलाई 2025: बीरेन्द्र कुमार सिन्हा ने एक मालगाड़ी के 19 वैगनों के ट्रेन पार्ट होने की घटना पकड़ी और तत्काल विभाग को सूचना देकर ट्रेन को सुरक्षित रवाना किया।
- 11 जुलाई 2025: आकाश दास ने भनवारटंक–खोडरी के बीच एसईजे स्टॉक रेल फ्रेक्चर देखा, तुरंत सूचना देकर मरम्मत कराई और ट्रैक यातायात के लिए सुरक्षित किया।
- 16 जुलाई 2025: कोमल ने गतौरा–बिलासपुर सेक्शन में ब्रिज नंबर 06 पर रेल फ्रेक्चर देखकर पैसेंजर ट्रेन (गं–58203) को बैनर फ्लैग लगाकर रोका, ट्रैक ठीक कर सुरक्षित पास करवाया।
- 22 जून 2025: प्रवीण कुमार ने बाकल स्टेशन से गुजरते समय तेज झटका महसूस किया। निरीक्षण में प्वाइंट क्रॉसिंग की पटरी टूटी मिली, सूचना देकर ट्रैक दुरुस्त कर यातायात बहाल किया।


