Total Users- 1,177,318

spot_img

Total Users- 1,177,318

Friday, March 20, 2026
spot_img

सचिव जल संसाधन विभाग के लिये लोकायुक्त से जमानती वारंट जारी हुआ

पूरब टाइम्स, रायपुर . विगत कुछ माह से कुछ समाज सेवकों व विसिल ब्लोवर ने छत्तीसगढ़ के जल संसाधन विभाग के अनेक अविधिक कृत्यों को आम जनता व उच्च अधिकारियों के सामने लाया था. हालात ये हुए कि दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों पर कड़ी कार्यवाही करने की जगह, प्रमुख अभियंता कार्यालय भी चुप्पी साधकर बैठ गया. केवल इतना ही नहीं, कुछ ठेकेदारों व विभागीय इंजीनियरों को बचाने के लिये, प्रमुख इंजीनियर कार्यालय, साक्ष्यों के साथ शिकायतों व नोटिसों को भी ठंडे बस्ते में डालने लगा. तब कुछ लोगों ने लोकायुक्त में प्रमुख इंजीनियर व अन्य अधिकारियों के कृत्यों के बारे में जानकारी के साथ, उन पर कार्यवाही के लिये शिकायत की. तब लोकायुक्त ने स्वतः संज्ञान लेकर सचिव जल संसाधन विभाग से इस बारे में जानकारी मांगी . सचिव द्वारा मामले की गंभीरता को ना समझने पर, लोकायुक्त के द्वारा सचिव जल संसाधन विभाग के लिये जमानती वारंट जारी कर दिया गया . अब यह तय दिखाई दे रहा है कि लोकायुक्त ने कठोरता से निर्णय लेने का मन बना लिया . पूरब टाइम्स की रिपोर्ट ..

लोकायुक्त कार्यवाही का तिथिवार पेशी निम्नानुसार है :- 

1/ स्मरण पत्र जारी कर 03-09-2025 को  सचिव छ.ग.शासन, जल संसाधन विभाग को उपस्थित होकर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु जमानती वारंट जारी किया गया है ।
2/ विभाग से वास्तविक जानकारी हेतु दिनांक 01-08-2025 को सचिव छ.ग.शासन, जल संसाधन विभाग को उपस्थित होकर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु समन देकर कथन/साक्ष्य /परीक्षण हेतु जारी किया गया था।
3/ दिनांक 02-07-2025 को शिकायतकर्तागण को शपथपूर्वक कथन करने हेतु एवं सचिव, छ.ग.शासन, जल संसाधन विभाग को प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु कथन/साक्ष्य /परीक्षण कार्यवाही करने हेतु आदेश जारी किया गया ।
4/ शिकायतकर्ता को दिनांक 04-06-2025 को शपथपूर्वक कथन दर्ज कराये जाने एवं सचिव, छ.ग.शासन, जल संसाधन विभाग को प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु आदेश जारी किया गया था।

जल संसाधन विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा विभागीय अनुबंधित ठेकेदारों के निविदा कार्यवाहियों की जांच करने पर जिन दोषी ठेकदारों को विभाग द्वारा झूठी जानकारी देकर प्रावधानों के विपरीत निविदा कार्यवाही करने लिए पकड़ा गया था उन दोषसिद्ध ठेकेदारों को विभागीय दंडात्मक कार्यवाही से बचाने का कार्य प्रमुख अभियंता जल संसाधन विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा की गई अनियमित कार्यवाही के कारण संभव हो सका था जिसे विधानसभा प्रश्न के जवाब के तौर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा कार्यवाही में भी सचिव जल संसाधन विभाग ने प्रस्तुत किया था जिसके बाद यह मामला प्रकाश में आया और जब इस मामले में सुनियोजित प्रशासकीय अनियमितता सामने आई तो इसे समाज सेवक अमोल मालुसरे द्वारा एक अन्य साथी के साथ लोकायुक्त छत्तीसगढ़ के समक्ष चुनौती दी गई जिसे लोकायुक्त छत्तीसगढ़ ने गंभीरता से लेते हुए सचिव जल संसाधन को तलब किया है जो कि अनियमितताओं और विभागीय कदाचार को अंकुश लगाने का सशक्त आधार बनी है ।

लोकायुक्त छत्तीसगढ़ द्वारा प्रशासकीय अनियमितताओं की शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेकर कार्यवाही किया जाना विभागीय गड़बड़ियों को रोकने की दिशा में किया जाने वाला विधि अपेक्षित कदम है लोकायुक्त कार्यालय द्वारा कदाचार के आरोपों का संज्ञान लेकर विधि निर्देशित कार्यवाही किए जाने से विभागीय शीर्ष अधिकारियों को इस बात का अहसास रहेगा कि, जवाबदेही तय करने वाला लोकतांत्रिक व्यवस्था सक्रिय है जिसके आधार पर शासन हित रक्षण होना संभव होगा।
अमोल मालुसरे, सामाजिक कार्यकर्ता

More Topics

हिंसा की राह छोड़, उम्मीदों की दौड़, बस्तर नई पहचान की ओर

शांति, विश्वास और विकास-बस्तर हेरिटेज मैराथन एक मज़बूत संदेशबस्तर...

विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल को अनुचित रूप से निशाना बनाया जा रहा – ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनावों...

श्रम विभाग की योजनाओं से श्रमिक बनेंगे आत्मनिर्भर, मिलेगा स्वरोजगार का अवसर

दीदी ई-रिक्शा एवं ई-रिक्शा सहायता योजना से होगा श्रमिकों...

इसे भी पढ़े