निगम आयुक्त के प्रशासकीय अक्षमता को रिसाली निगम की बदहाल स्थिति कब तक बयान करेगी ?
निगम आम सभा के प्रावधानों की धज्जियां उड़ाने वाली कार्यवाहियों कब तक चलती रहेगी ?
नगरीय प्रशासन विभाग छ.ग. की छवि को धूमिल करने में रिसाली आयुक्त भूमिका कितनी है?
पूरब टाइम्स , रिसाली भिलाई . भिलाई नगर निगम से टूटकर रिसाली नगर निगम बनाने की श्रेय लेने में कोई भी रजनेता पीछे नहीं रहा.अलग होने के बाद रिसाली नगर निगम के द्वारा क्षेत्र के विकास में उच्च स्थान पाने की उम्मीद परंतु इस वक़्त वे सब मृत प्राय दिखती हैं. राजनीतिक रूप से एक वक़्त कांग्रेस के वर्चस्व वाले इस क्षेत्र में कांग्रेस की शहर सरकार होने के बावजूद कांग्रेस का वजूद ही समाप्त दिखने लगा है . इसके कारणो का आइना दिखाते हुए पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट ..
पूर्व विधायक ताम्रध्वज साहू की राजनीतिक अपेक्षाओं ने रिसाली निगम को विकास के रास्ते में कई गड्ढे बना दिए हैं ?
विडम्बना यह है कि दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय कांग्रेसी नेता इतने सक्षम नहीं हैं कि वे अपनी विधानसभा टिकट हाई कमान से हासिल करें इसलिए स्वाभाविक तौर पर दुर्ग ग्रामीण के स्थानीय समर्पित कांग्रेस नेताओं के पर अपनी कुंठा के निराकरण का एक मात्र विकल्प भीतरघात करना ही बच जाता है जिसका सीधा फायदा भाजपा को होना भी स्वाभाविक है उल्लेखनीय है कि विगत विधानसभा चुनाव की हार का हिसाब किताब करने का समय आगामी निगम चुनाव के दौरान होगा ऐसा कहे जाने पर शायद ही दो मत नहीं होगा लेकिन वर्तमान में कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान रिसाली निगम को अपूर्णीय क्षति पहुंचा रही है और निगम आयुक्त को मनमानी करने का अवसर मिल रहा है ।
रिसाली निगम की आम सभा की अनियमितताओं को प्रश्नांकित करने वाले पार्षद रिसाली निगम को कब मिलेंगे ?
रिसाली निगम के पार्षदों के द्वारा निगम आमसभ में महज हल्ला मचाकर अपने गैर जिम्मेदाराना कार्य व्यवहार का परिचय दिया जा रहा है । मामला निगम की संपत्ति का हो या शासकीय संपत्ति का लेखा-जोखा संधारित करने की निगम कार्यवाही का दोनों ही मामलों में रिसाली के पार्षदों की भूमिका अक्षम नेतृत्व क्षमता का परिचय देती है गौरतलब रहे कि रिसाली निगम चुनावों की उल्टी गिनती चालू हो गई है कुछ ही महीनों में निगम चुनाव होगे उल्लेखनीय है कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान अक्षम नेतृत्व क्षमता वाले पार्षद देती आई है जिसका उदाहरण रिसाली निगम सभापति और महापौर है लेकिन भाजपा तो पार्षद का रिपोर्ट कार्ड देखेगी और पार्षद प्रत्याशी चुनेगी तब भाजपा के वर्तमान पार्षद क्या बताकर टिकट लेंगे ।
दुर्ग ग्रामीण विधानसभा पर कांग्रेस द्वारा थोपे गए पूर्व विधायक ताम्रध्वज साहू को महापौर और सभापति की मिलीभगत का कूटनीति का सहारा लेकर विधानसभा से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया अब आगे क्या ?
रिसाली की महापौर और सभापति की अक्षम नेतृत्व क्षमता और अंदरूनी असंतोष पूर्व विधायक को हरवाने वाला साबित हुआ जिसको ताम्रध्वज साहू के निकट संबंधियों का सहयोग मिला जिन्होंने भूपेश बघेल खेमे के साथ मिलकर जो गतिविधियां की उसका परिणाम मत पेटियों की वोट संख्या के तौर पर सामने आया संक्षित में कहा जाय तो हिसाब किताब बराबर हो गया लेकिन इस द्वेषपूर्ण राजनीति का विपरीत प्रभाव रिसाली निगम की आर्थिक सेहत पर पड़ा परिणाम स्वरूप रिसाली निगम के चल संपत्ति और वित्तीय व्यवहार के दस्तावेज बेहद चिंता जनक स्थिति में है और निगम आयुक्त को प्रश्नांकित कर रहे है । जिसका संज्ञान प्रशासन कब लेगा इसकी प्रतीक्षा सभी कर रहे है ।
पूर्व विधायक ताम्रध्वज साहू के राजनीतिक चालबाजी ने पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ताओं को महत्व नहीं दिया लेकिन जैसे ही पूर्व गृहमंत्री के निकट रिश्तेदारों और कार्यकर्ताओं को भूपेश बघेल खेमे में उल्लेखनीय स्थान मिला तो कांग्रेस की अंदरूनी बगावत को बल मिल गया परिणाम स्वरूप दुर्ग ग्रामीण विधानसभा ने भाजपा को अवसर दे दिया ।
राजनीतिक विश्लेषक : अमोल मालुसरे


