महासमुंद, छत्तीसगढ़। जिले में धान खरीदी व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा किए जा रहे लगातार निरीक्षण के दौरान, गंभीर अनियमितताएँ पाए जाने पर तीन प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के प्राधिकृत अधिकारियों को उनके पद से हटा दिया गया है।
कलेक्टर लंगेह ने 12 दिसंबर को धान खरीदी केंद्र मोंगरापाली एवं गांजर का निरीक्षण किया था, जबकि 11 दिसंबर को धान खरीदी केंद्र केवां का भी निरीक्षण किया गया था। तीनों ही केंद्रों पर गंभीर अव्यवस्था पाई गई।
🚫 निरीक्षण में मिली ये प्रमुख अनियमितताएँ
कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान तीनों धान खरीदी केंद्रों में निम्नलिखित गंभीर अव्यवस्थाएँ पाई गईं:
- स्टेकिंग में अव्यवस्था: धान की स्टेकिंग (ढेर लगाना) सुव्यवस्थित तरीके से नहीं की गई थी, जिससे खरीदी व्यवस्था प्रभावित हो रही थी।
- बारदानों में कमी: नए एवं पुराने बारदानों (जुट बैग) में समिति का मार्का एवं स्टेंसिल निर्धारित मानकों के अनुसार सही तरीके से अंकित नहीं पाया गया।
- गुणवत्ता असंतोषजनक: मिलर द्वारा प्रदाय किए गए बारदानों की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं पाई गई।
⚖️ तीन प्राधिकृत अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई
इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए, कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से संबंधित समितियों के प्राधिकृत अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है और उन्हें उनके पद से पृथक करने का निर्देश दिया है:
| धान खरीदी केंद्र | प्राधिकृत अधिकारी का नाम | कार्रवाई |
| मोंगरापाली | गुलशन बघेल | पद से पृथक |
| गांजर | पुनितराम सिन्हा | पद से पृथक |
| रिसीकेला (केवां से संबंधित) | श्री नेपाल साहू | पद से पृथक |
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धान खरीदी केंद्रों में शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि धान की स्टेकिंग, बारदानों की गुणवत्ता एवं मार्किंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।


