रायपुर: राजधानी रायपुर के उत्तर क्षेत्र में धर्मांतरण के विरोध को लेकर रविवार को एक विशाल रैली निकाली गई। इस रैली का नेतृत्व उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा ने किया। रैली में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और धार्मिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
रैली का उद्देश्य धर्मांतरण के खिलाफ जनजागरूकता फैलाना और अपनी सनातन परंपराओं की रक्षा करना था। कार्यक्रम के दौरान मंच से बोलते हुए विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा, “धर्मांतरण एक गंभीर सामाजिक समस्या है। हमें अपनी आस्था, संस्कृति और पहचान को बचाने के लिए संगठित होना होगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी प्रकार के प्रलोभन या दबाव में धर्म परिवर्तन कराए जाना न केवल कानूनन गलत है, बल्कि सामाजिक असंतुलन भी पैदा करता है।
इस रैली के दौरान एक महत्वपूर्ण और भावनात्मक क्षण तब देखने को मिला जब चार माताओं ने मंच पर आकर “घर वापसी” की घोषणा की। ये महिलाएं पहले अन्य धर्मों में परिवर्तित हो चुकी थीं, लेकिन अब सार्वजनिक रूप से अपनी मूल सनातन परंपरा में लौटने की घोषणा की। मिश्रा ने मंच से उन्हें सम्मानित किया और कहा, “यह सिर्फ घर वापसी नहीं, बल्कि आत्मा की वापसी है।”
रैली शांतिपूर्ण तरीके से विभिन्न क्षेत्रों से होती हुई गांधी चौक पहुंची, जहां इसे एक जनसभा में तब्दील कर दिया गया। सभा में वक्ताओं ने धार्मिक जागरूकता, सामाजिक समरसता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करने की अपील की।
स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र पुख्ता इंतज़ाम किए थे। पूरी रैली के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।


