Total Users- 1,177,260

spot_img

Total Users- 1,177,260

Friday, March 20, 2026
spot_img

इंजीनियरिंग कॉलेज की धोखाधड़ी-ऑनलाईन छात्रवृत्ति फार्म डालकर धोखाधडी मामले में रायपुर कलेक्टर ने एफ.आई.आर. दर्ज करवाई 

पूरब टाइम्स , रायपुर . आजकल अनेक प्राइवेट कॉलेजों के द्वारा विभिन्न तरह से गड़बड़ियां करना , आम बात हो गई है . आर्थिक अनियमितताएं , जिनमें छात्रों एवं अभिभावकों को आर्थिक नुकसान होता , बहुत आम हो गया है . अविधिक रूप से शासन द्वारा निर्धारित फीस से ज़्यादा वसूल करना , कॉलेज में विभिन्न मदों के नाम से एक्स्ट्रा वसूली करने की शिकायतों के बाद इस बार छात्र के नाम से ऑन लाइन फॉर्म डाल कर उसकी छात्रवृत्ति का दुरुपयोग करने का मामला सामने आया है . पाईटेक कॉलेज के द्वारा की गई इस धोखाढड़ी की जांच कर उसे दोषी पाया गया था . क्लेक्टर के द्वारा उस पर कार्यवाही / एफआईआर कराने के निर्देश के बाद भी उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था . एक समाजसेवी द्वारा इसे लोकायुक्त में संज्ञान करवाने पर , कलेक्टर के निर्देश पर सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग रायपुर छ.ग. ने संस्था के छात्रवृत्ति प्रभारी पर तत्काल  एफआईआर करवा दिया . अब अनेक यक्ष प्रश्न उठने लगे हैं , जैसे –  पूर्व कलेक्टर के निर्देश के बाद पूर्व सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग, रायपुर ने एफआईआर क्यों नहीं कराया ? जांच का विषय है कि इसमें कोई आर्थिक लेन देन हुआ या कार्यवाही ना करने के लिये किसी रसूखदार का दबाव था ? क्या उस समय के अन्य छात्रों के छात्रवृत्ति मामले की जांच हुई ? उक्त धन राशि का उपयोग संस्था के द्वारा किया गया तो संस्था के अन्य निदेशकों की इसमें जानकारी व संलिप्तता नहीं थी ? यदि संलिप्तता नहीं थी तो अन्य निदेशकों ने जानकारी आते ही , उक्त छात्रवृत्ति प्रभारी पर कार्यवाही व अपराधिक प्रकरण दर्ज क्यों नहीं कराया ? आशा ही नहीं बल्कि यह परम विश्वास है कि छत्तीसगढ़ का लोक आयुक्त कार्यालय अपराध करने वाले लोगों की जांच व विधिक दंडात्मक कार्यवाही के लिये अनुशंसित करेगा . पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट …..

ऑनलाईन छात्रवृत्ति फार्म डालकर धोखाधडी किये जाने के संबंध में एफ.आई.आर. दर्ज करवाने के लिए आयुक्त आदिवासी विकास स्तर से बारंबार निर्देश दिए जाने के बाद भी सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग रायपुर छ.ग आरोपियों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज नहीं करवा रहा था जिसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता अमोल मालुसरे ने इस मामले को छत्तीसगढ़ लोक आयोग में परिवाद दाखिल कर संज्ञान करवाया तब लोक आयोग द्वारा प्रकरण कार्यवाही विषयक कलेक्टर रायपुर से स्पष्टीकरण मांगा तदोपरांत वर्षों से आरोपियों को दिए जा रहे प्रशासकीय संरक्षण मामले पर विराम लगाकर एफ.आई.आर. दर्ज करवाई गई है ।

संजय चंदेल जो कि सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग रायपुर छ.ग. ने प्रोफेशनल इंन्स्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलाजी खरोरा रायपुर के संस्थापक एवं छात्रवृत्ति प्रभारी श्री विक्की सागर के विरूध्द अरूण कुमार राऊतराय आत्मज श्री संतोष कुमार राऊतराय के नाम से 2018-2019 में ऑनलाईन छात्रवृत्ति फार्म डालकर धोखाधडी किये जाने के संबंध में एफ.आई.आर. दर्ज करवाई गई है । प्रथम दृष्टया अपराध धारा 409 IPC, 66 (सी) I.T. Act का घटित होना पाये जाने से अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया है .कार्यालय कलेक्टर (आदिवासी विकास) रायपुर से प्राप्त निर्देशों पर थाना खरोरा जिला रायपुर (छ.ग.) में प्रमाणित शिकायत पर कार्यवाही करते हुए करवाई गई है ।

उल्लेखनीय है कि, आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास ने करवाई गई जांच में प्रमाणित किया गया था कि, छात्रवृत्ति प्रोफाईल का पासवर्ड बदलकर वर्ष 2018-19 में ऑनलाईन छात्रवृत्ति फार्म डाल दिये जाने के संबध में शिकायत की गई थी, इस शिकायत की जांच विभागाध्यक्ष कार्यालय स्तर से करायी गयी जांच में शिकायत प्रमाणित पाये जाने पर एफ. आई आर. दर्ज कराने के निर्देश दिए गए जांच को कलेक्टर रायपुर द्वारा अनुमोदित किया गया है ।

छत्तीसगढ़ लोक आयोग के द्वारा संज्ञान लिए जाने पर विगत दो वर्षों से विभागीय जांच में दोषी पाए गए महाविद्यालय संचालक एवं अन्य के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करवाई गई है छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित हो पाया है . अभी लोक आयोग में मामला विचाराधीन है और आगे की कार्यवाही चल रहीं है ।

अमोल मालुसरे 

More Topics

हिंसा की राह छोड़, उम्मीदों की दौड़, बस्तर नई पहचान की ओर

शांति, विश्वास और विकास-बस्तर हेरिटेज मैराथन एक मज़बूत संदेशबस्तर...

विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल को अनुचित रूप से निशाना बनाया जा रहा – ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनावों...

श्रम विभाग की योजनाओं से श्रमिक बनेंगे आत्मनिर्भर, मिलेगा स्वरोजगार का अवसर

दीदी ई-रिक्शा एवं ई-रिक्शा सहायता योजना से होगा श्रमिकों...

इसे भी पढ़े