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Monday, February 16, 2026
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CG : बस्तर पर्यटन को नई रफ्तार, विकास कार्यों से बदलेगा पूरा परिदृश्य

प्राकृतिक स्थलों का सुदृढ़ीकरण, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिला नया बल
रायपुर, 14 फरवरी 2026

प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपातों की गूंज और समृद्ध जनजातीय परंपराओं से पहचान रखने वाला बस्तर अब पर्यटन विकास के नए चरण में प्रवेश कर चुका है। लंबे समय से प्रतीक्षित योजनाओं को गति मिलने के बाद विभिन्न स्थलों पर आधारभूत और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार तेज हुआ है। राज्य स्तर पर किए जा रहे समन्वित प्रयासों का सकारात्मक असर जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है।

प्रमुख पर्यटन स्थलों का सशक्तिकरण

विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात और कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर सड़क संपर्क में सुधार किया गया है। पार्किंग, पेयजल, स्वच्छ शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन जैसी सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है। पर्यटकों की सुविधा के लिए सूचना केंद्र और सहायता काउंटर भी स्थापित किए गए हैं।

पर्यटन सेवाओं में आधुनिक व्यवस्था

जगदलपुर में टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर के माध्यम से आवास, भ्रमण और गाइड सेवाओं को एकीकृत किया गया है। ऑनलाइन बुकिंग और डिजिटल भुगतान प्रणाली से पर्यटन सेवाएं अधिक सरल और पारदर्शी बनी हैं। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को सुविधा मिल रही है।

स्थानीय युवाओं को रोजगार का अवसर

पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं को गाइड सेवा, होम-स्टे संचालन, आतिथ्य और साहसिक पर्यटन गतिविधियों में रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। बेलमेटल कला, टेराकोटा और अन्य जनजातीय उत्पादों की मांग बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिली है।

पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान

पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है। स्वच्छता अभियान, प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र और हरित विकास कार्यों के माध्यम से प्राकृतिक धरोहरों को संरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है।

सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा

बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को भी पर्यटन विकास से जोड़ा गया है। पारंपरिक उत्सवों, लोकनृत्यों और जनजातीय आयोजनों के माध्यम से सांस्कृतिक पर्यटन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे आगंतुक बस्तर की विशिष्ट परंपराओं से परिचित हो सकें।

दीर्घकालीन विकास की दिशा

पर्यटन विभाग द्वारा दीर्घकालीन मास्टर प्लान के तहत इको-टूरिज्म, साहसिक पर्यटन, वन्यजीव पर्यटन और धार्मिक पर्यटन को सशक्त बनाने की दिशा में योजनाबद्ध कार्य जारी है।

बस्तर का पर्यटन क्षेत्र अब नई सोच, नई ऊर्जा और समन्वित प्रयासों के साथ आगे बढ़ रहा है। सुविधाओं के विस्तार और संतुलित विकास की इस पहल से न केवल पर्यटकों का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि स्थानीय समाज और अर्थव्यवस्था को भी स्थायी लाभ प्राप्त होगा।

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