छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी-देवरहट क्षेत्र में संचालित एक सरकारी शराब दुकान को बंद कराने की मांग को लेकर आसपास के 10 गांवों के ग्रामीणों ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन की विशेष बात यह रही कि बड़ी संख्या में छात्राएं भी इसमें शामिल हुईं, जिन्होंने हाथों में तख्तियां लेकर अपनी आवाज बुलंद की।
👧 छात्राओं ने भरी हुंकार
प्रदर्शन में शामिल छात्राओं ने स्पष्ट शब्दों में नारा लगाया:
“हमें चाहिए कलम और पट्टी, नहीं चाहिए दारू भट्टी।”
ग्रामीणों ने बताया कि शराब दुकान और इससे सटी हुई अवैध चखना दुकानों के कारण छात्राओं और महिलाओं को रोजाना छेड़छाड़ और छींटाकसी जैसी अप्रिय घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
हाल ही में, शराब के नशे में कुछ मनचलों द्वारा छात्राओं से छेड़छाड़ की घटना ने ग्रामीणों के आक्रोश को और भी बढ़ा दिया है। पालकों ने गंभीर चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि यह दुकान बंद नहीं हुई तो वे अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर देंगे।
📜 कलेक्टर को सौंपा 6 सूत्रीय ज्ञापन
धरना प्रदर्शन के बाद, आक्रोशित ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर तहसीलदार को कलेक्टर के नाम 6 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित माँगें शामिल हैं:
- शराब दुकान को तत्काल हटाना या विस्थापित करना।
- क्षेत्र में संचालित अवैध चखना दुकानों को बंद करना।
- बढ़ते अपराधों पर रोक लगाना।
- स्कूल/ग्रामीणों के आवागमन वाले मार्ग को सुरक्षित बनाना।
🚨 उग्र आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे एक उग्र आंदोलन करेंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में जनपद सभापति विद्यानंद चंद्राकर, जनपद सदस्य हरिशंकर कश्यप सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और छात्राएं मौजूद थीं।


