धमतरी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त अभियान बन चुका है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसालें गढ़ रही हैं।
“बिहान” का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को स्वसहायता समूहों के माध्यम से संगठित कर उन्हें स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण तथा वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर समाज में आत्मगौरव के साथ जीवन यापन कर सकें।
धमतरी जिले में “बिहान” योजना के तहत बीते जुलाई माह तक 58 महिला सदस्यों को सेंट्रिंग प्लेट निर्माण एवं किराये हेतु ऋण प्रदाय किया गया, जिसके माध्यम से उन्होंने स्वरोजगार की दिशा में उल्लेखनीय कदम बढ़ाया है। इनमें धमतरी विकासखंड की 27, कुरूद की 15, मगरलोड की 7 एवं नगरी विकासखंड की 9 महिलाएं शामिल हैं। इन महिलाओं को समूह स्तर पर प्रकरण तैयार कर आरएफ मद से 15 हजार, सीआईएफ से 60 हजार तथा बैंक ऋण के रूप में 3 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई।


