सत्र की रूपरेखा और समय:
- समयावधि: 14 जुलाई 2025 (सोमवार) से 18 जुलाई 2025 (शुक्रवार), कुल 5 बैठकें होंगी
- विधान सभा विभाग और स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने शांतिपूर्ण संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए
- सत्र के मुख्य एजेंडे:
- वित्तीय एवं विधायी कार्य:
- विवादास्पद मुद्दे:
- खाद एवं डीएपी की कमी: कांग्रेस का आरोप, सत्र में इसका जोरदार विरोध हो सकता है। भाजपा के CM विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य में DAP में थोड़ी कमी है; NPK के विकल्प को बढ़ावा दिया जा रहा है
- कानून-व्यवस्था: विपक्ष ने राज्य में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को मुद्दा बनाया है; सचिन पायलट ने भी दिल्ली से राज्य संचालित होने का आरोप लगाया
- किसानों और अवैध खनन: विपक्ष ने इन मुद्दों पर सवाल उठाने की तैयारी कर रखी है—“सरकार को घेरने” की रणनीति
- विरोध और योजना:
- कांग्रेस नेता चरणदास महंत का दावा कि प्रत्येक दिन स्थगन प्रस्ताव लाया जाएगा; लगभग 1000 प्रश्न सूचीबद्ध हैं
- विपक्ष संभवतः “लाठी लेकर सदन में जाएंगे” जैसी नारेबाज़ी कर सकता है, जो सत्र को हंगामेदार बना सकता है
- जीविका व कल्याण समूहों की आवाज़:
- ऑल्ड-एबल्ड (Divyangjan) संगठन ने माँगा inclusion in Mahtari Vandan Yojana—16 जुलाई को विधानसभा के बाहर घेराव की योजना तैयार
- बिना आवेदन के रईडी-टू-ईट मील और फोर्टिफाइड आटे की इंजेक्शन नीति पर विपक्ष सवाल उठाएगा ।
- सारांश:
- मानसून सत्र में मुख्य रूप से वित्त एवं विधायी कार्य होंगे, लेकिन सत्र राजनीतिक मोर्चे पर तेज़ और हंगामेदार होने की उम्मीद है। विपक्ष के पास हफ़्ता-दिन महत्वपूर्ण मुद्दों की झड़ी है—खाद, कानून व्यवस्था, किसान, और दिव्यांग कल्याण—और वे प्रधानमंत्री से सवालों की तैयारी में हैं। वहीं, सरकार तैयारी में है और अपने पास पर्याप्त बहुमत है।


