समर्पित शिक्षिका प्रीति शांडिल्य को दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट और नवाचारी योगदान के लिए राज्यपाल ने किया था सम्मानित
धमतरी।प्रतिवर्ष 8 मार्च को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समाज में महिलाओं की उपलब्धियों, उनके अधिकारों और सशक्तिकरण को सम्मान देने का अवसर प्रदान करता है। इसी भावना को साकार करते हुए छत्तीसगढ़ में दिव्यांग महिलाओं और बालिकाओं के शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल सामने आई है।
राजधानी रायपुर स्थित लोक भवन, सिविल लाइन में पिछले माह जनवरी में आयोजित एक गरिमामय राज्य स्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका के करकमलों से दो महत्वपूर्ण ब्रेल पुस्तकों—‘दिव्यांग महिलाओं की सफलता की कहानी’ और ‘छत्तीसगढ़ के वीर’—का विमोचन किया गया। साथ ही दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई 3000 से अधिक ऑडियो बुक्स का भी लोकार्पण किया गया।


