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Sunday, March 1, 2026
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प्राणायाम से लेकर योगासन, योग के विभिन्न प्रकारों के बारे में जानें

योग से हमें शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने में मदद मिलती है. योग शब्द का अर्थ “जुड़ना” या “एकजुट होना” होता है. इसमें प्राणायाम से लेकर बहुत से योगासन होते हैं. भारत में प्राचीन समय से ही योग काफी प्रभावी माना जाता है और अब पूरी दुनिया योग को अपना रही है. इससे होने वाले फायदे और इसके महत्व को बताने के लिए हर साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है| योग न सिर्फ व्यायाम है जिससे आपको शारीरिक तरह से हेल्दी रहते हैं, बल्किइससे मन को शांत करने और मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने में भी मदद मिलती है. इसके कई प्रकार है, आइए जानते हैं इसके बारे में कि आखिर योग कितनी तरह के होते हैं|

हठ योग: हठयोग सबसे प्राचीन रूपों में से एक है. इसमें आसन और प्राणायाम का अभ्यास करना शामिल है. जिससे मन और शरीर को शांति प्रदान करने में मदद मिलती है. साथ ही सांसों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है. यह मेंटल और रेस्पिरेटरी के लिए अच्छा होता है. क्योंकि प्राणायाम के दौरान सांसों पर ध्यान केंद्रित करने में भी मदद मिलती है|

अष्टांग योग: अष्टांग योग का उद्देश्य आत्मा और मन को नियंत्रित करना है, जिससे व्यक्ति सही चेतना और ईश्वर के साथ एकता प्राप्त कर सके. इस योग के आठ अंग होते हैं. यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि अष्टांग योग के आठ अंग हैं|

कर्म योग: कर्म योग या सेवा का मार्ग है. इसका मतलब जो आज के समय में हम अनुभव कर रहें हैं, वह हमारे कार्यों द्वारा पास्ट में बनाया गया है. इसमें हम भविष्य को बेहतर बनाने के लिए वर्तमान को रास्ता बना सकते हैं, जो हमें स्वार्थ और नकारात्मक सोच से दूर करता है. इसे निष्काम कर्म भी कहा जाता है. इसमें अपना जीवन निस्वार्थ रूप से जीते हैं और दूसरों को मदद करते हैं. हम अपना कर्म करते हैं|

भक्ति योग: भक्ति योग को भक्ति का मार्ग भी कहा जाता है. भक्त अपने इष्ट देवता के प्रति प्रेम और समर्पण की भावना विकसित करने का प्रयास करता है. इसमें नौ प्रकार की भक्ति के बारे में बताया गया है. जिसमें श्रवण, कीर्तन, स्मरण, पादसेवन, अर्चन, वंदन, दास्य, सख्य और आत्मनिवेदन शामिल हैं|

ज्ञान योग: ज्ञान योग पर चलने के लिए योग के ग्रंथों के अध्ययन के द्वारा बुद्धि के विकास की आवश्यकता होती है. इस योग को सबसे मुश्किल माना जाता है. व्यक्ति को अपनी कमजोरियों को स्वीकार करना और उन पर काम करना होता है, जिससे की वह अपने अंदर ज्ञान और उद्देश्य को हासिल कर सके|

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