आयुर्वेद में बीमारियों का इलाज करने के लिए ज्यादातर शरीर में दिखने वाले लक्षणों को सबसे पहले देखा जाता है। आमतौर पर बॉडी का मैकेनिज्म इस तरह से काम करता है कि शरीर के अंदर होने वाली किसी भी कमी या अधिकता की वजह से शरीर के अलग-अलग अंगों पर कुछ लक्षण नजर आने लगते हैं। जिन्हें देखकर आयुर्वेद में कई बार बीमारियों का पता लगाया जाता है। अगर ये लक्षण दिख जाएं तो समझे कि शरीर में हो रही ये बीमारियां।
पैरों में सूजन का संकेत
अगर किसी के पैरों में सूजन नजर आती है तो ये लिवर और किडनी में खराबी का संकेत होता है।
एड़ियां फटने का कारण
आपने नोटिस किया होगा कि महिलाओं में एड़ियों के फटने की ज्यादा समस्या देखने को मिलती है। आयुर्वेद के डॉक्टर दीपक कुमार का कहना है कि अगर किसी की एड़ियां फटी हुई रहती हैं तो ये शरीर में आयरन की कमी की ओर इशारा करता है। आयरन की कमी होने पर पालक और सेब को खाना अच्छा होता है।
पैर अगर ठंडे रहते हैं
सर्दियों में पैर का ठंडा होना नॉर्मल है। लेकिन कम सर्दियों में या फिर मौसम के गर्म होने पर भी पैर ठंडे रहते हैं तो इसका कारण शरीर में आयोडीन की कमी होती है। ऐसे में भुने आलू और मुनक्का का सेवन करना चाहिए।
पैरों में झुनझुनी चढ़ती है
अगर किसी के पैर में बार-बार झुनझुनी चढ़ जाती है तो इसका कारण विटामिन बी 12 की कमी होती है। ऐसी सिचुएशन में दूध और हल्दी को ज्यादा खाना अच्छा होता है।
पैरों में ऐंठन और दर्द महसूस होता है
पैरों में किसी इंसान के ऐंठन महसूस होती है। मसल्स में दर्द होता है तो इसका कारण सोडियम की कमी हो सकती है।
घुटनों में दर्द होता है
काफी सारे लोगों को घुटनों में दर्द होता है। ऐसे लोगों को दूध में हल्दी और काली मिर्च मिलाकर पीना चाहिए।
सीढ़ियां उतरते समय दर्द होना
आयुर्वेद के डॉक्टर ने सीढ़ियों के उतरते और चढ़ते वक्त अलग समस्या के बारे में बताया जैसे अगर सीढ़ियां उतरते समय दर्द होता है तो उसे आर्थराइटिस के चांस ज्यादा होते हैं। ऐसे लोगों को मेथी दाने को खाना अच्छा होगा।


