योग के नियमित अभ्यास से मन और शरीर स्वस्थ रहता है। योगाभ्यास के कई शारीरिक और मानसिक लाभ हैं। वैसे तो ज्यादातर लोग सुबह योग का अभ्यास करते हैं या शाम को अपने खाली समय में योग करते हैं। लेकिन अक्सर लोगों को इस बात की चिंता रहती है कि खाने के बाद उनके पेट की चर्बी बढ़ सकती है। वजन बढ़ने के डर से लोग भोजन के बाद टहलकर खाना पचाने की कोशिश करते हैं। पाचन क्रिया सही रहने से पेट संबंधी समस्या नहीं होती और वजन भी नियंत्रित रहता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि खाने के तुरंत बाद भी योग किया जा सकता है? योग विशेषज्ञों का कहना है कि भोजन के तुरंत बाद 15 मिनट तक योग का अभ्यास करने से पाचन तंत्र को सबसे प्रभावी तरीके से नियंत्रित करने में मदद मिलती है। आइए जानते हैं भोजन के तुरंत बाद कौन से योग करने चाहिए, इसके फायदे और योगाभ्यास करने की विधि।
भोजन के तुरंत बाद करें वज्रासन:
पाचन तंत्र सही रखने के लिए वज्रासन मुद्रा में बैठकर भोजन करना चाहिए। वज्रासन घुटने टेकने का आसन है। इसे डायमंड पोज भी कहते हैं। वज्रासन शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है बल्कि पेट की चर्बी कम करने में भी मदद करता है।
वज्रासन करने का तरीका:
स्टेप 1– योगाभ्यास के लिए फर्श पर घुटने के बल बैठ जाएं और पीछे की ओर पैर के अंगूठे को एक दूसरे से क्रॉस कर लें।
स्टेप 2– धीरे धीरे शरीर को नीचे ले जाते हुए हिप्स एडियों पर टिका लें और जांघों को काफ मसल्स पर टिकाएं।
स्टेप 3- अब दोनों हाथों को घुटनों पर रखकर सिर एकदम सीधा रखें और सामने देखें।
स्टेप 4– सांसों की गति को केंद्रित रखते हुए आंखें बंद कर लें। सांसों की गति ऊपर और नीचे समान होनी चाहिए।
शुरुआत में कम से कम पांच मिनट यह योग करें और अधिकतम 10 मिनट कर सकते हैं।
वज्रासन के फायदे:
नियमित वज्रासन के अभ्यास से पाचन क्रिया में सुधार आता है और कब्ज की शिकायत दूर होती है।
अल्सर और एसिडिटी जैसी समस्याएं भी दूर करने में मदद मिलती है।
वज्रासन का नियमित अभ्यास पीठ और रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है और कमर दर्द व साइटिका के मरीजों को राहत दिलाता है।
शरीर में पेल्विक मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए भी वज्रासन असरदार है।
पेट की चर्बी को कम करता है और डिनर के बाद इस आसन के अभ्यास से नींद बेहतर आती है।


