पानी पीना स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, लेकिन सही तरीके से पेय पदार्थों का सेवन करना सेहत के लिए वरदान से कम नहीं। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने बेहतर हाइड्रेशन, पाचन और एनर्जी के लिए पांच उन सरल ड्रिंकिंग टिप्स के बारे में जानकारी दी, जो बेहतर हाइड्रेशन के साथ ही सेहत के लिए बेहद लाभकारी भी हैं। मंत्रालय के अनुसार, “आपकी दिनचर्या में छोटी-छोटी चीजें भी बड़ा बदलाव ला सकती हैं। ये टिप्स न केवल स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित हैं और रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी से अपनाए जा सकते हैं।
मंत्रालय सलाह देता है कि पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। अपने हाइड्रेशन स्तर की जांच के लिए पेशाब के रंग का ध्यान रखें। आपके पेशाब का रंग शरीर में पानी की मात्रा के बारे में एक अच्छा संकेत हो सकता है। जब पर्याप्त पानी पीते हैं, तो मूत्र हल्का पीला या लगभग साफ दिखाई देता है। हल्का पीला रंग संकेत देता है कि आपका शरीर ठीक से हाइड्रेटेड है। पर्याप्त पानी पीने से पाचन बेहतर होता है, त्वचा स्वस्थ रहती है, और थकान कम होती है। स्वच्छ पानी चुनें; अगर पानी की शुद्धता पर संदेह हो, तो हमेशा उबला हुआ पानी पिएं। यह बैक्टीरिया और अशुद्धियों को खत्म करता है, जिससे पेट की समस्याएं और संक्रमण से बचा जा सकता है। यह आयुर्वेदिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण है।
आयुष मंत्रालय प्रतिदिन 250 मिलीलीटर उबला हुआ या पाश्चुरीकृत दूध पीने की सलाह देता है। दूध में कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन डी होता है, जो हड्डियों, मांसपेशियों और पूरे स्वास्थ्य को मजबूत करता है। यह शरीर की एनर्जी बढ़ाने में भी मदद करता है। मंत्रालय, शुगर मिल बाजार के कोल्ड ड्रिंक्स के बजाय ताजे फलों के रस को प्राथमिकता देने की सलाह देता है। प्राकृतिक रस विटामिन और खनिजों से भरपूर होते हैं, जो शरीर को पोषण देते हैं और मोटापे और डायबिटिज जैसी समस्याओं को रोकते हैं। एक्सपर्ट यह भी कहते हैं कि हमेशा अपने शरीर की सुनें, प्यास लगने का इंतजार न करें, बल्कि नियमित अंतराल पर पानी पीने की आदत डालें। यह आदत शरीर को हाइड्रेट रखती है, पाचन को सुचारू बनाती है और मानसिक एकाग्रता को भी बढ़ाती है।


