लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर लद्दाख के मुद्दों पर ठोस भरोसा नहीं मिला, तो 19 से 24 सितंबर तक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
यह बयान लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) के प्रतिनिधियों की गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद आया है। बैठक में लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा समेत कई मांगों पर चर्चा हुई।
वांगचुक ने कहा कि प्रतिनिधियों को उम्मीद थी कि बातचीत के बाद आंदोलन या पदयात्रा की जरूरत नहीं पड़ेगी, लेकिन बैठक से उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि यदि एक सप्ताह में भरोसा नहीं मिला तो 19 से 24 सितंबर तक पदयात्रा और बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
वहीं KDA के प्रतिनिधि सज्जाद कारगिली ने कहा कि लद्दाख के लिए UT स्तर पर प्रस्तावित चुनी हुई संस्था का ड्राफ्ट बैठक में पेश नहीं किया गया, जिससे प्रतिनिधियों को निराशा हुई। उनका कहना है कि किसी भी आश्वासन को तभी संतोषजनक माना जाएगा, जब उसका स्पष्ट ड्राफ्ट सामने आए और उसके वास्तविक क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट हो।
लद्दाख वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद केंद्र शासित प्रदेश बना था। LAB और KDA लंबे समय से लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा, अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व और UT स्तर पर चुनी हुई विधानसभा जैसी मांगें उठा रहे हैं।


