दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बहुमंजिला इमारत गिरने के हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। राहत और बचाव अभियान के दौरान अब तक 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है। हादसे के बाद प्रशासन ने आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी कार्रवाई तेज कर दी है।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था और इसका इस्तेमाल लड़कों के PG के रूप में किया जा रहा था। हादसे के बाद दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और बचाव दलों ने रातभर अभियान चलाया। एक और व्यक्ति को मलबे से निकाला गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
हादसे के बाद MCD ने बगल की एक इमारत को जर्जर और खतरनाक मानते हुए उसे खाली करने का नोटिस दिया है। इसके अलावा चार मंजिल से अधिक की अवैध निर्माण वाली इमारतों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस ने PG के मालिक हरिराम समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामले में BNS की धारा 105, 290 और 125(a) के तहत कार्रवाई की गई है। हादसे की जांच भी शुरू कर दी गई है।
दिल्ली सरकार ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे की पूरी तरह जांच कर यह सुनिश्चित करना है कि कोई व्यक्ति और अंदर फंसा न हो। हादसे ने दिल्ली में पुरानी और अवैध निर्माण वाली इमारतों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


