नई दिल्ली/कीव। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर भारत का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि युद्ध का समाधान इस बात से तय नहीं होगा कि कोई देश रूस से तेल, खनिज, धातु या उर्वरक खरीदता है या नहीं। उन्होंने कहा कि संघर्ष का समाधान बातचीत, कूटनीति और वार्ता के जरिए ही संभव है।
कीव में यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ बैठक के बाद जयशंकर ने कहा कि भारत यूक्रेन के रूसी ऊर्जा खरीद को लेकर दृष्टिकोण का सम्मान करता है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत की ऊर्जा जरूरतों और उसके फैसलों का भी दूसरे देश सम्मान करेंगे। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में 1.4 अरब लोगों के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना भारत के सामने बड़ी चुनौती है।
अमेरिका की ओर से रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर संभावित प्रतिबंधों के सवाल पर जयशंकर ने सीधे तौर पर किसी बदलाव की घोषणा नहीं की। उन्होंने दोहराया कि भारत का मानना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध को आर्थिक दबाव या तेल खरीद रोकने के बजाय कूटनीतिक प्रयासों से खत्म किया जाना चाहिए।
जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों में हर संभव मदद करने के लिए तैयार है। भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए युद्ध का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की वकालत करता रहा है।


