हौसलों से बदली जिंदगी : सक्षम कैंटीन ने दी श्रीमती विश्नोई को नई पहचान
धमतरी। जीवन में चुनौतियाँ चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, अगर हौसले मजबूत हों तो रास्ते खुद बन जाते हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है धमतरी कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित सक्षम कैंटीन से जुड़ी दिव्यांग श्रीमती विश्नोई की, जिन्होंने शारीरिक कठिनाइयों के बावजूद आत्मनिर्भर बनने की राह चुनकर समाज के लिए मिसाल पेश की है।
श्रीमती विश्नोई बचपन से ही शारीरिक दिव्यांगता से जूझ रही हैं और उन्हें चलने-फिरने के लिए बैसाखियों का सहारा लेना पड़ता है। इसके बावजूद उन्होंने कभी अपनी परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। वे हमेशा अपने पैरों पर खड़े होकर सम्मानपूर्वक जीवन जीने की इच्छा रखती थीं। लंबे समय तक अवसर की तलाश के बाद जिला प्रशासन के सहयोग से उनकी यह इच्छा अब साकार हो रही है।
कलेक्ट्रेट परिसर में शुरू हुई सक्षम कैंटीन ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई है। यहां वे चाय-नाश्ता और अन्य खाद्य सामग्री के संचालन से जुड़ी हुई हैं। विश्नोई बताती हैं कि कैंटीन शुरू होने के बाद से ही लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। कलेक्ट्रेट, जिला पंचायत तथा आसपास के विभिन्न कार्यालयों में आने वाले अधिकारी-कर्मचारी और आम नागरिक यहां आकर चाय-नाश्ते का आनंद लेते हैं, जिससे उनका उत्साह और भी बढ़ता है।


