वीडियो में साफ दिखता है कि भारत के बेडे में शामिल फ्रांस से प्राप्त राफेल, सुखोई और स्वदेशी तेजस विमान पूरी तरह सशस्त्र हैं। इनके हार्डप्वाइंट पर लंबी दूरी की मारक क्षमता वाली मिसाइलें तैनात हैं जिनमें मीटियर और ब्रह्मोस जैसी प्रणालियां शामिल हैं।
गणतंत्र दिवस के मौके पर भारतीय वायु सेना ने एक ऐसा दृश्य प्रमाण देश और दुनिया के सामने रख दिया जिसने पिछले कुछ समय से चल रही बहस और शंका दोनों को एक झटके में खामोश कर दिया। हम आपको बता दें कि सोमवार को वायुसेना द्वारा जारी वीडियो में घातक मिसाइलों से लैस अत्याधुनिक लड़ाकू विमान दिखाए गए। यह वीडियो उन पाकिस्तानी और पश्चिमी आलोचकों के लिए करारा जवाब है जो लगातार दावा करते रहे कि भारत के पास वह क्षमता ही नहीं थी जिसका उसने 2019 के बालाकोट हमले और पिछले वर्ष के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उल्लेख किया था।
वीडियो में साफ दिखता है कि भारत के बेडे में शामिल फ्रांस से प्राप्त राफेल, सुखोई और स्वदेशी तेजस विमान पूरी तरह सशस्त्र हैं। इनके हार्डप्वाइंट पर लंबी दूरी की मारक क्षमता वाली मिसाइलें तैनात हैं जिनमें मीटियर और ब्रह्मोस जैसी प्रणालियां शामिल हैं। यह वही हथियार हैं जिनका इस्तेमाल पाकिस्तान के भीतर गहराई तक लक्ष्य भेदने में किया गया था। इस वीडियो के सामने आते ही कई महीनों से चल रहा संदेह अब समाप्त हो चुका है।


